संपर्क क्रांति एक्सप्रेस के सामने ट्रैक पर 20 किलो का पत्थर कहां से आया, इस मामले में जांच शुरू हो गई है। जांच टीम गांव ड़कौरा के अलावा गांव बंचारी सहित बेढ़ा पट्टी गांवों में लगे सीसीटीवी कैमरों खंगालने में लगी है।
दिल्ली-आगरा रेलवे ट्रैक पर होडल अनाज मंडी के समीप बंद पड़े गेट संख्या 555 पर पत्थर रखकर कर्नाटक संपर्क क्रांति एक्सप्रेस को पलटाने की साजिश रचने के मामले की जांच तेज हो गई है। घटना के बाद जीआरपी की जांच टीम आरोपियों की पहचान के लिए सबूत एकत्रित करती रहीं।
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जांच में सामने आया कि रविवार सुबह 8 बजकर 53 मिनट पर अप लाइन से गतिमान एक्सप्रेस क्रॉस हुई। वहीं, 9 बजकर 15 मिनट पर दिल्ली से आगरा की ओर जा रही कर्नाटक संपर्क क्रांति एक्सप्रेस के सामने ट्रैक पर 20 किलो का पत्थर मिला। पुलिस टीम दोनों ट्रेनों के बीच के 22 मिनट के समय में सड़क मार्ग से गुजरने वाले लोगों की पहचान करने में जुटी हुई है। जबकि जांच में जुटे लोग इस घटना को आसपास के गांवों के किसानों की हरकत मान रहे हैं।
आरपीएफ के अलावा रेलवे को सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पत्र लिखा है। जीआरपी फरीदाबाद डीएसपी राजेश चैची ने इस मामले में पुलिस जांच अधिकारियों को सीसीटीवी कैमरे चेक करने निर्देश दिए हैं।
रविवार सुबह कर्नाटक संपर्क क्रांति एक्सप्रेस निकलने के दौरान लोको पायलट को ट्रैक पर 20 किलो का पत्थर रखा दिखाई दिया। इस मामले में जेई रवि की शिकायत पर रेलवे यात्रियों की जान को खतरे में डालने के मामले में जीआरपी ने केस दर्ज किया था। सूत्रों ने बताया कि जांच टीम से उन्हें रिपोर्ट मिली कि लगातार लोग यहां से गुजर रहे थे। इस दौरान लोगों ने रेलवे ट्रैक से बाइक को निकालने के लिए 20 किलो का पत्थर रख दिया, लेकिन उन्होंने पत्थर को नहीं हटाया। जांच टीम गांव ड़कौरा के अलावा गांव बंचारी सहित बेढ़ा पट्टी गांवों में लगे सीसीटीवी कैमरों खंगालने में लगी है।
आरपीएफ के प्रभारी निरीक्षक गिर्राज प्रसाद मीणा ने बताया कि दिल्ली-आगरा रेलवे ट्रैक पर पत्थर रखने की घटना के बाद सुरक्षा के लिए दिन व रात के समय गश्त बढ़ा दी गई है। वहीं, टीम जीआरपी पुलिस के साथ में आरोपियों की पहचान के लिए जुटी हुई है।