उत्तर पुलिस भर्ती परीक्षा में अभ्यर्थियों को डरा धमका कर चिकित्सक के साथ मिलकर वसूली करने वाला फार्मासिस्ट नौ साल से पोस्टमार्टम गृह पर तैनात था। इस दौरान उसकी कई शिकायतें हुईं, लेकिन प्रत्येक शिकायत सीएमओ ऑफिस में आकर ठंडे बस्ते में पड़ जाती। इतने लंबे समय तक एक ही पद पर बने रहना भी उसकी विभाग के अधिकारियों में अपनी मजबूत पकड़ को दर्शाता है।
पुलिस लाइन में पुलिस भर्ती परीक्षा में अभ्यर्थियों का मेडिकल और कागज सत्यापन का कार्य चल रहा है। मेडिकल पैनल में तैनात जिला अस्पताल के ईएमओ डॉ. हरिनारायण प्रभाकर के साथी फार्मासिस्ट मथुरेश अधिकारियों के काफी प्रिय रहे हैं। सीएमओ कार्यालय के सूत्रों के अनुसार फार्मासिस्ट मथुरेश को 2016 में पोस्टमार्टम गृह पर तैनात किया गया। इसके बाद उन्हें यहां से कोई हटा नहीं सका।
बताया जाता है कि कई बार इनके खिलाफ शिकायतें भी हुईं, लेकिन हर बार सीएमओ कार्यालय में बैठे फार्मासिस्ट के चहेते अधिकारी शिकायत को ठंडे बस्ते में डाल देते। सीएमओ डॉ. अजय वर्मा ने बताया कि पोस्टमार्टम गृह पर कोई फार्मासिस्ट ड्यूटी करना नहीं चाहता है। इसलिए फार्मासिस्ट का कार्यकाल लंबा रहा।
यदि फार्मासिस्ट के खिलाफ कोई शिकायत आई होगी तो उसका विधिवत तरीके से निस्तारण किया गया है। पोस्टमार्टम हाउस पर दो फार्मासिस्ट तैनात हैं। दोनों दो-दो दिन ड्यूटी करते थे। जब तक फार्मासिस्ट मथुरेश के स्थान पर किसी और की तैनाती नहीं होती जब तक फार्मासिस्ट देवेंद्र कुमार पोस्टमार्टम पर जिम्मेदारी संभालेंगे।