मथुरा। धरने पर बैठे पीडब्लूडी के कर्मचारी । स्रोत संवाद
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मथुरा। सिटी मजिस्ट्रेट राकेश कुमार ने लिपिक के साथ की मारपीट के बाद बुधवार को पीडब्ल्यूडी के कर्मचारियों ने तीन घंटे तक कामकाज ठप रखा और कक्ष के बाहर प्रदर्शन किया। भनक लगने पर सिटी मजिस्ट्रेट दौड़े-दौड़े पीडब्ल्यूडी कार्यालय पहुंचे। बंद कमरे में उन्होंने लिपिक से माफी मांगी। हालांकि उन्होंने इसे बेतुका बताया। वहीं यूनियन के कर्मचारियों ने लखनऊ में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन प्रेषित किया है।
दरअसल, मंगलवार डेढ़ बजे पीडब्ल्यूडी मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष व पीडब्ल्यूडी के प्रधान सहायक गोपाल प्रसाद की एनआईसी गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मियों से बाइक कलेक्ट्रेट परिसर में ले जाने पर नोकझोंक हो गई थी। आरोप है कि सुरक्षाकर्मी की शिकायत के बाद सिटी मजिस्ट्रेट व उनके सुरक्षाकर्मियों ने पीडब्ल्यूडी कार्यालय में घुसकर उनके साथ मारपीट की। इस बात से पीडब्ल्यूडी के अधिकारी व कर्मचारी आक्रोशित हैं।
बुधवार को भी अधिकारी व कर्मचारियों ने विरोध कर तीन घंटे तक कामकाज ठप रखा। इस दौरान सिटी मजिस्ट्रेट भी पीडब्ल्यूडी कार्यालय पहुंच गए। लिपिक ने कहा है कि सिटी मजिस्ट्रेट ने बंद कमरे में उनसे माफी मांगी है। हालांकि उनके आत्मसम्मान को ठेस पहुंची है। उन्होंने बताया है कि यूनियन के कर्मचारियों के साथ प्रदेश स्तर विरोध प्रदर्शन की तैयारी की जा रही है। यूपी फेडरेशन ऑफ मिनिस्ट्रियल सर्विस एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बुधवार को लखनऊ में इस मामले में सीएम को ज्ञापन सौंपा है।
वहीं सिटी मजिस्ट्रेट राकेश कुमार ने सफाई देते हुए कहा है कि उन्हें पता नहीं था कि गोपाल प्रसाद यहीं कार्यरत हैं। वह लिपिक को ठेकेदार समझ रहे थे। हालांकि घटना के दौरान पीडब्ल्यूडी के कर्मचारी चिल्ला-चिल्लाकर कह रहे थे कि गोपाल यहीं काम करता है। बावजूद इसके सिटी मजिस्ट्रेट लिपिक को पीटते रहे।
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एनआईसी गेट पर नहीं दिखे सुरक्षाकर्मी
घटना के दूसरे दिन एनआईसी गेट खाली-खाली दिखा। सुबह से शाम तक तैनात रहने वाले सुरक्षाकर्मी बुधवार को नहीं दिखे। यहां तक कि सुरक्षाकर्मी अपनी कुर्सी-टेबल भी उठा ले गए, जबकि मंगलवार को यहां पर करीब पांच सुरक्षाकर्मी तैनात थे। साथ ही चार से पांच कुर्सियां भी पड़ीं थीं। यह सुरक्षकर्मी कलेक्ट्रेट परिसर में आने-जाने वाले वाहनों को रुकते थे और परिसर में वाहन ले जाने से मना करते थे। हालांकि कलेक्ट्रेट परिसर में पार्किंग बनीं हुई है। बावजूद इसके परिसर में वाहन ले जाना प्रतिबंधित रहता है। यहां के कर्मचारियों को एनआईसी गेट पर बनीं पार्किंग में वाहन खड़ा करने के निर्देश दिए गए थे।