मथुरा और वृंदावन में पर्यटकों की भीड़ के आगे चौराहे छोटे पड़ते जा रहे हैं। ऐसे में जाम की स्थिति से निजात के लिए पांच संवेदनशील चौराहे चिन्हित किए गए हैं, जहां फ्लाईओवर बनाए जाएंगे।
साल दर साल मथुरा-वृंदावन आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ती जा रही है। इससे दिनभर सड़कों पर जाम की स्थिति बनी रहती है। शनिवार और रविवार के दिन सड़कों पर पैर रखने की जगह तक नहीं मिलती है, लेकिन अब इस समस्या से निजात मिलेगी। शासन ने मथुरा-वृंदावन में पांच संवेदनशील चौराहों पर फ्लाईओवर बनाने की योजना बनाई है। विजन-2030 के तहत यह कार्य होगा।
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इस परियोजना की विस्तृत कार्य योजना (डीपीआर) तैयार करने के लिए उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद ने 475 करोड़ रुपये का बजट बनाया है। फ्लाईओवर निर्माण के लिए एक सलाहकार एजेंसी के जरिए ट्रैफिक और तकनीकी पहलुओं का अध्ययन होगा। इसमें बिंदु देखे जाएंगे, ताकि फ्लाईओवर बनने के बाद जाम की स्थिति उत्पन्न न हो। इस परियोजना में सिर्फ फ्लाईओवर ही नहीं, बल्कि फुटपाथ व मार्ग और उसके आसपास के प्रभावित क्षेत्रों में सड़क नेटवर्क और कनेक्टिविटी को भी सुधारा जाएगा।
सभी पांचों चौराहों का थ्री-डी डिजाइन तैयार किया जाएगा। इसके शुरुआती सर्वे में पांचों चौराहों पर फ्लाईओवर बनाना संभव पाया गया है। अब सलाहकार एजेंसी को ट्रैफिक सर्वे, जियो-टेक्निकल जांच और थ्री-डी डिजाइन बनाकर जल्दी ही धरातल पर उतारेंगे। इसके लिए दिनभर जाम में जूझने वाले पांच चौराहों को चिन्हित किया गया है। इसमें मथुरा-वृंदावन चौराहा, पागल बाबा मंदिर के निकट, मसानी चौराहा, धौलीप्याऊ रेलवे फाटक और भूतेश्वर चौराहा शामिल हैं।
फ्लाईओवर बनने के बाद मथुरा-वृंदावन आने वाले राहगीर को करीब एक घंटे का समय बचेगा और स्थानीय लोगों की भी राह आसान होगी। विजन-2030 के तहत ब्रज तीर्थ विकास परिषद ने इसके निर्माण की योजना बनाई है। सीईओ एसबी सिंह ने बताया है कि फ्लाईओवर बनने के बाद सबसे व्यस्त मथुरा-वृंदावन मार्ग की राह आसान होगी। साथ ही शहर में भी जाम से निजात मिलेगी। पांच स्थानों को चिन्हित किया गया है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद जल्दी ही निर्माण कार्य होगा।