मथुरा। सिंचाई विभाग के ध्वस्तीकरण के नोटिसों के बाद रविवार को अतिक्रमण की कार्रवाई टल गई, लेकिन ध्वस्तीकरण के दायरे में आ रहे परिवारों की नींद उड़ गई है। उनका कहना है कि जब तक पुनर्वास के लिए व्यवस्था नहीं की गई है, वह कहां जाएं। दूसरी ओर, कांग्रेस ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई का विरोध किया। उनका कहना है कि वह सिंचाई विभाग को इतने साल बाद क्यों याद आ रही है। वह हर स्तर पर यहां के निवासियों के साथ हैं।
संजय नगर, शास्त्री नगर में नाले की पटरी के किनारे बने 261 घर और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को अतिक्रमण मानते हुए सिंचाई विभाग ने लाल निशान लगाए हैं। नोटिस भी चस्पा किए हैं। सिंचाई विभाग का कहना है कि यह जमीन सिंचाई विभाग की नहर की भूमि है। यहां के लोगों को नोटिस दिए गए हैं। रविवार से विभाग ने पहले चरण की कार्रवाई का अल्टीमेटम दिया था। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि फोर्स नहीं मिल पाने के कारण कार्रवाई टाली गई है।
यहां के लोगों ने स्थानीय विधायक श्रीकांत शर्मा से मिलकर गुहार लगाई थी। उन्होंने भी फिलहाल कार्रवाई नहीं होने देने का आश्वासन दिया था।
इस मामले में वर्ष 2023 में हाईकोर्ट के आदेश के अतिक्रमण को हटाने के आदेश दिए थे। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने अपना दखल देते हुए सरकार को पहले इनके पुनर्वास की व्यवस्था किए जाने के आदेश दिए। कोर्ट ने अतिक्रमण हटाने में हुई देरी को लेकर फिर से हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल हुई। इसके बाद से सिंचाई विभाग की नींद उड़ गई। कार्रवाई के लिए सिंचाई विभाग ने प्रशासन सहित अन्य विभागों से सामंजस्य स्थापित किया, लेकिन कई दिनों के इंतजार के बाद रविवार को फोर्स न मिलने के कारण कार्रवाई टल गई।
बरसों पुराने हैं आशियाने...पक्की रजिस्ट्री, फिर अतिक्रमण क्यों?
मथुरा। संजय नगर, राधानगर और शास्त्री नगर में सिंचाई विभाग द्वारा जिन लोगों के घरों पर नोटिस चस्पा और लाल निशान लगाए हैं। उनमें बेचैनी है। उनका कहना है कि ज्यादातर निवासियों के पास जमीन की रजिस्ट्री है। डूडा की ओर से पीएम आवास योजना के तहत भी दो दर्जन से अधिक मकान हैं। इन सभी को सिंचाई विभाग ने अवैध कब्जा दर्शाया है। पार्वती का कहना है कि 40 साल पहले उनकी शादी हुई थी। तभी से यहां रह रही हैं। पक्की रजिस्ट्री है। बिजली, पानी सहित सभी तरह के सरकारी कनेक्शन हैं। टैक्स जमा करते हैं। राशन कार्ड धारक हैं। इसके बाद भी उनके साथ अन्याय किया जा रहा है।
कांग्रेसियों ने किया विरोध, कहा, नहीं होने देंगे अन्याय
कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मुकेश धनगर, महानगर अध्यक्ष यतेंद्र मुकद्दम और कांग्रेसी नेता विक्रम वाल्मीकि ने संयुक्त रूप से कहा कि गरीबों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं होगा। उनके साथ आशीष अरोड़ा, सिद्ध कुमार गौतम और राहुल चतुर्वेदी भी मौजूद रहे। जिलाध्यक्ष का कहना है कि सरकार की दोहरी नीति का हर स्तर पर विरोध किया जाएगा। अगर यहां कार्रवाई की गई तो वह लाठी, गोली खाएंगे मगर आशियाने नहीं उजड़ने देंगे।
15 किलोमीटर में सिंचाई विभाग की 77 हैक्टेयर भूमि
विभाग से मिली जानकारी के अनुसार गणेशरा रोड से लेकर हाइवे के किनारे पर हरिनगर, राधा नगर होते हुए संजय नगर तक बड़ी संख्या में मकान बने हैं। इन्हीं मकानों पर विभाग ने लाल निशान लगाने की कार्रवाई की है। अधिशाषी अधिकारी नवीन कुमार ने बताया कि सिंचाई विभाग की 3.2 हैक्टेयर भूमि पर कब्जा किया गया है। इसमें मजदूर वर्ग से लेकर आलीशान कोठियां भी हैं।