फरह। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष पंकज चौधरी ने जाति आधारित राजनीति को पार्टी के संविधान के खिलाफ बताया। एक सवाल के जवाब में उन्होंने जनप्रतिनिधियों को चेताया कि वह अनुशासन बनाए रखें। पार्टी के संविधान के अनुरूप चलें।
दीनदयाल धाम में पत्रकार वार्ता में प्रदेशाध्यक्ष बोले कि वह सात बार से जनप्रतिनिधि हैं, कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलना उनको बखूबी आता है। पूरे प्रदेश के कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलना है। इसके पहले वह पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मारक दीनदयाल धाम पहुंचे, जहां दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर माल्यार्पण करके नमन किया। इस दौरान कार्यकर्ता एवं पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान धाम के निदेशक सोनपाल, चेयरमैन सालिगराग बटिया, धर्मवीर अग्रवाल, अनिल सिंह, नरेन्द्र पाठक, महीपाल सिंह, अजय परखम, परमानन्द अग्रवाल, भगवानसिंह, दिनेश चौहान, जगमोहन, महेश पचौरी, मनीष ओझा आदि मौजूद थे।
स्वागत समारोह के दौरान कई भाजपा नेताओं की जेब हुई साफ
फरह। प्रदेश अध्यक्ष पं0 दीनदयाल को अपना माल्यार्पण कर रहे थे, इस समय स्मारक भवन के अन्दर भारी भीड जमा हो गई। छुटभैये नेताओं के बीच फोटो खिंचाने, स्वागत करने के लिये आगे आने की होड मच गयी। इसी धक्कामुक्की का फायदा उठाकर किसी असामाजिक तत्वों ने कई भाजपा नेता एवं पदाधिकारियों की जेबों पर से हाथ साफ कर दिया। जेब में रखे रुपये, पर्स, मोबाइल पार कर दिये। पूर्व जिला महामंत्री राजेश गुप्ता ने बताया कि उनका आईफोन और जेब में रखे 5 हजार रुपये गुम हो गये। इसी प्रकार महेश भारद्वाज, रतन ठाकुर आदि कई लोगों के रुपये और मोबाइल पार हो गये। इन सभी ने वहीं मौजूद पुलिस को अपनी शिकायत नोट करायी। इसके बाद रैपुराजाट बार्डर पर हुये स्वागत के दौरान भी लोगों की अपनी जेब कटने की शिकायतें की है।
स्वागत को लेकर भाजपा पदाधिकारियों में जमकर हुई तू-तू मैं-मैं
फरह। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के दीनदयाल धाम आगमन के दौरान कुछ भाजपा पदाधिकारी आपस में ही भिड गये। अन्दर जाने और स्वागत करने को लेकर जमकर तू-तू मैं-मैं हुई। दोनों के बीच मामला बढता देख अन्य भाजपाई भी दोनों पक्षों को समझाने लगे। मगर बहसबाजी बंद नहीं हुई। जब बात ज्यादा आगे बढने लगी तो फरह थाना प्रभारी त्रिलोकसिंह ने सभी को समझा बुझा कर मामला शांत कराया।