मथुरा के नौहझील थाना क्षेत्र के गांव भूरेका में अनुसूचित जाति की बरात और दुल्हन पक्ष को पीटने वाले नामजदों की गिरफ्तारी में पुलिस लगातार दबिश दे रही है, लेकिन हमला आरोपी पुलिस के हाथ नहीं लग रहे हैं। हालांकि दो आरोपियों ने पुलिस के बढ़ते दबाव के चलते कोर्ट में आत्मसमर्पण के लिए प्रार्थना पत्र दिया है। पुलिस दोनों के आत्मसमर्पण से पहले उनकी गिरफ्तारी के लिए दिन-रात एक किए हैं।
20 मई को गांव में अनुसूचित जाति के बरातियों के साथ गांव के ही रहने वाले दबंगों ने डीजे देर रात तक बजाने को लेकर मारपीट की। पुलिस को सूचना लगी तो वह मौके पर पहुंच गई, लेकिन बिना कार्रवाई के वापस लौट आई। पीड़ितों द्वारा पुलिस को सूचना देने से दबंग इतने नाराज हुए और 21 मई की प्रात: पीड़ित के घर पहुंच गए। यहां दुल्हन पक्ष के लोगों के साथ मारपीट की।
पीड़ितों ने पुन: पुलिस को सूचना दी। मामला अनुसूचित जाति से जुड़ा होने के चलते पुलिस तीन नामजद समेत 15 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। इनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है, लेकिन कोई भी पुलिस के हाथ नहीं लगा है। पुलिस के लगातार दबाव के चलते मनीष और अंकुर ने वकील के जरिए कोर्ट में आत्मसमर्पण के लिए प्रार्थना पत्र दिया है। पुलिस को भी इसकी भनक लग गई है।
सीओ गुंजन सिंह ने बताया कि गांव नावली निवासी मनीष और अंकुर के कोर्ट में सरेंडर करने के प्रयास की जानकारी मिली है। दोनों को कोर्ट में सरेंडर करने से पहले गिरफ्तार करने के लिए कोर्ट पर पुलिस तैनात की है। इसके साथ ही उनके छिपने के संभावित स्थानों पर दबिश दी जा रही है।