रविवार होने के साथ साथ कामदा एकादशी के कारण भीड़ का रैला सुबह ही मंदिर के बाहर जमा हो गया। गलियां खचाखच भर गईं। स्थानीय लोगों को घरों से बाहर निकलने में परेशानी होना शुरू हो गई। सुबह सवा सात बजे मंदिर के पट खोल दिए गए और 12.30 बजे ठाकुर जी की आरती की गई। सुबह मंदिर को रोजाना के समय से पहले खोलने से काफी राहत मिली। मंदिर के अंदर रेलिंग व्यवस्था होने से श्रद्धालुओं को दर्शन करने में कुछ हद तक राहत मिली लेकिन मंदिर तक पहुंचने के दौरान अव्यवस्था बनी रही। भीड़ के दबाव के चलते कई स्थानों पर श्रद्धालुओं और पुलिसकर्मियों के बीच कहासुनी भी हुई। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
वहीं कामदा एकादशी से ठाकुर जी को गर्मी से राहत देने के लिए फूल बंगले सजाने की परंपरा भी शुरू हो गई है। मंदिर के जगमोहन को विभिन्न प्रकार के सुगंधित और विदेशी फूलों से सजाया गया जिसने श्रद्धालुओं का मनमोह लिया। श्रद्धालुओं ने हरिनाम संकीर्तन के साथ नगर की पंचकोसीय परिक्रमा भी की। भजन-कीर्तन के बीच श्रद्धालु श्रद्धा और उत्साह के साथ परिक्रमा मार्ग पर चलते नजर आए जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।