मथुरा। बेसिक शिक्षा विभाग में एक अजीब वाकया हुआ। शिक्षक और शिक्षामित्र ने निरीक्षण करने आए खंड शिक्षा अधिकारी को खूब फटकार लगाई। उनसे बदसलूकी की और धमकाया, जिस पर शिक्षक को सस्पेंड कर दिया गया, लेकिन बिना किसी जांच के ही शिक्षक की बहाली कर दी गई। घटना विभाग में चर्चा का विषय बनी हुई है।
यह मामला 12 सितंबर का है। गोवर्धन के सकरवा उच्च प्राथमिक विद्यालय में खंड शिक्षा अधिकारी नरेंद्र सिंह तंवर निरीक्षण करने पहुंचे थे। सुबह 8.15 बजे पर उन्हें विद्यालय बंद मिला था। इस पर वे निकट के गांव के स्कूल में पहुंच गए। बीईओ का कहना है कि यहां शिक्षामित्र ने चेकिंग करने पर उन्हें जमकर हड़काया। हत्या कराने की धमकी दी। यही नहीं शिक्षामित्र बीईओ के साथ मारपीट करने पर उतारू हो गया। बड़ी मुश्किल से उसे अन्य शिक्षकों ने समझाया और कमरे से बाहर किया। इस बात को कुछ ही मिनट गुजरे थे कि एक अन्य शिक्षक यहां पहुंच गए। उन्होंने भी बदसलूकी शुरू कर दी।
शिक्षक ने कहा कि जानते नहीं हो मैंने 3-3 खंड शिक्षा अधिकारियों को मारकर भगाया है। बीईओ के मुताबिक वह जब अपनी गाड़ी से लौटने लगे तो उनकी गाड़ी का दरवाजा जबरन खोलने का प्रयास किया। मामले की शिकायत बीईओ नरेंद्र सिंह तंवर ने तत्कालीन प्रभारी बेसिक शिक्षा अधिकारी रविंद्र कुमार से की थी। शिक्षक को निलंबित कर दिया, लेकिन 6 दिन बाद शिक्षक का निलंबन वापस हो गया। कार्रवाई क्यों निरस्त करनी पड़ गई, यह जांच का विषय है। मामले में फिर से शिकायत करने की बात कही जा रही है।
रजिस्टर में दर्ज नहीं किया पत्र
विभागीय सूत्रों के अनुसार शिक्षक के निलंबन पत्र को विभागीय पंजिका में दर्ज नहीं किया गया। पेपर पर ही पत्रांक संख्या डालते रहे। न ही पोर्टल पर शिक्षक के निलंबन की सूचना अपलोड की गई थी। 18 सितंबर को बेसिक शिक्षा अधिकारी ने शिक्षक का निलंबन निरस्त कर दिया और दोनों में आपसी समझौता दर्शाया गया।
वर्जन
ये मामला मेरी ज्वाइनिंग से पहले का है। अगर कोई शिकायत आती है तो इसकी जांच करवाई जाएगी।
-रतन कीर्ति, बेसिक शिक्षा अधिकारी