जैन मुनि तरुण सागर ने कहा है कि अब संत-मुनियों को आम आदमी के बीच प्रवचन करने के बजाए लोकसभा और विधानसभाओं में करना चाहिए। वहां खतरनाक लोग भी बैठे हैं। देश की लोकसभा और विधानसभाओं में बैठे करीब 10 हजार लोग सुधर जाएं तो देश की सवा करोड़ जनता खुद सुधर जाएगी।
शनिवार को कृष्णानगर स्थित राधानगर पार्क में तीसरे दिन कड़वे प्रवचन करते हुए जैन मुनि ने कहा कि मजबूत इरादा और लगन पक्की हो तो लोहा बेचने वाला टाटा, जूते बेचने वाला बाटा, चाय बेचने वाला पीएम और झाडू वाला सीएम बन सकता है। 90 प्रतिशत लोग उस वक्त हिम्मत हार जाते हैं जब वे सफलता से सिर्फ 10 कदम दूर होते हैं।
जैन मुनि तरुण सागर ने कहा कि सूखे को हरा करना बसंत का काम है और मुर्दे को खड़ा करना संत का काम है। बसंत के आने से मौसम की तासीर बदल जाती है और संत के आने से जिंदगी की तस्वीर बदल जाती है। उन्होंने कहा कि पुण्य का दुपट्टा छोटा है और आकांक्षाओं के पैर बहुत बड़े हैं। इसलिए भले ही सूखी रोटी खाकर चार जोड़ी कपड़ों में जीवन का गुजारा कर लेना मगर ऋण लेकर कभी झूठी शान-शौकत मत दिखाना।
कड़वे प्रवचन के तीसरे दिन जैन मुनि तरुण सागर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वक्तव्य न खाऊंगा, न खाने दूंगा को सराहते हुए कहा कि खेत में फसलों के बीचों बीच एक बिजूका खड़ा रहता है। वह न खाता है न खाने देता है, लेकिन उसे देखकर पक्षी और जानवर भयभीत रहते हैं।
नरेन्द्र मोदी भले ही जनता की अपेक्षाओं पर खरे न उतर रहे हों लेकिन उन्होंने भ्रष्ट अधिकारी और रिश्वतखोरों की नींद उड़ा रखी है। नरेन्द्र मोदी खेत में खड़े बिजूका जैसे नेता हैं। प्रवचन के दौरान मथुरा-वृंदावन के विधायक प्रदीप माथुर, गोकुल के विधायक पूरन प्रकाश, समिति अध्यक्ष विजय सेठ, डा. जयप्रकाश जैन, सुभाष जैन, प्रवेन्द्र अग्रवाल, जिनेन्द्र शास्त्री, पंकज शास्त्री आदि मौजूद रहे।