ताज साहित्य महोत्सव तृतीय 2016 के अंतर्गत रविवार को ब्रज भाषा एवं साहित्य पर रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम के स्वामी विवेकानंद सभागार में विशेष सत्र का आयोजन किया गया। इसमें 15 साहित्यकारों को ब्रजभाषा एवं साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाकार्य के लिए सांसद हेमामालिनी ने सम्मानित भी किया।
महोत्सव में सांसद हेमामालिनी ने कहा कि विश्व साहित्य जगत में ब्रज भाषा साहित्य का अपना अलग ही महत्व है। ब्रजभाषा और साहित्य में भगवान राधाकृष्ण की दिव्य लीलाओं के दर्शन के साथ संस्कृति, धर्म, भक्ति और आध्यात्म का भाव भी स्पष्ट रूप से परिलक्षित होता है।
उत्सव समिति के समन्वयक ब्रज खंडेलवाल ने बताया कि दो वर्षों से इस ताज साहित्य महोत्सव का आयोजन आगरा में किया जा रहा था। इस वर्ष इसे विस्तार देते हुए वृंदावन में आयोजित किया गया है।
उत्सव समिति के निदेशक अशोक जैन सीए ने कहा कि ताज साहित्य महोत्सव के माध्यम से आने वाली पीढ़ी के लिए साहित्यिक धरोहरों को बचाने का प्रयास हो रहा है।
केंद्रीय हिंदी संस्थान के कुलसचिव डा. चंद्रकांत त्रिपाठी ने कहा कि ब्रजभाषा और साहित्य न केवल आध्यात्मिक जगत की धरोहर है, बल्कि भारतीय साहित्य के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर छात्रा जाह्नवी पोद्दार ने ओडिसी नृत्य की मोहक प्रस्तुति दी।
इस अवसर पर विप्रा सचिव एसबी सिंह, अतुल जैन, हरविजय बाहिया, श्रवण कुमार, डा. भागवत कृष्ण नांगिया, राम सरीन, डा. गिर्राज शास्त्री, डा. चंद्रप्रकाश शर्मा, गीताजंलि शर्मा, मोहन स्वरूप भाटिया, जगन्नाथ पोद्दार, केजी गुप्ता, साध्वी विष्णुप्रिया, बिहारीलाल वशिष्ठ, धनंजय गौतम, आचार्य नरेश नारायण आदि उपस्थित रहे।