मथुरा। प्रस्तावति श्रीबांकेबिहारी कॉरिडोर निर्माण के जद में आ रहे भवन व दुकानों का 2023 की सर्वे रिपोर्ट के आधार पर मंगलवार को सत्यापन कार्य पूरा हो गया है। इसमें 276 भवन चिह्नित किए गए हैं। इनमें आधा दर्जन ऐसे भवन मिले हैं, जिनके पास भवन के दस्तावेज नहीं हैं। अधिकारी ऐसे भवनों का जल्दी ही हल निकालने का दावा कर रहे हैं।
श्रीबांकेबिहारी कॉरिडोर निर्माण की योजना बनने के बाद शासन ने जनवरी 2023 में मंदिर के आसपास क्षेत्र का सर्वे कराया था। इस दौरान दुकान, भवन और कुंज गलियां समेत करीब 276 स्थानों को चिह्नित किया था। 2023 में हुए सर्वे के बाद अब 2 साल से ज्यादा का समय बीत गया है। इस बीच वृंदावन में काफी कुछ बदल गया है। इसलिए बीते दिनों अधिकारियों से बैठक में सेवायत व व्यापारियों ने दोबारा सर्वे कराने की मांग की थी।
इसके बाद डीएम चंद्र प्रकाश सिंह ने नौ अधिकारियों समेत 29 कर्मचारियों को 2023 की सर्वे रिपोर्ट के आधार पर भवनों को सत्यापन कराने की जिम्मेदारी सौंपी थी। एडीएम वित्त एवं राजस्व डॉ. पंकज वर्मा ने बताया है कि मंगलवार को सत्यापन कार्य पूरा हो गया है। 276 भवन व दुकानें चिह्नित की गई हैं, जो कॉरिडोर की जद में आ रही हैं। वहीं करीब आधा दर्जन ऐसे भवन हैं, जिनके मालिकाना हक को लेकर संशय है। ऐसे भवनों का मालिकाना हक तय नहीं हो पाया है। ऐसे भवनों का जल्दी ही हल निकाला जाएगा। वहीं कुछ भवन स्वामी अपने मकानों के दस्तावेज स्वयं प्रशासन को सौंप रहे हैं।
-
-मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में तय होगा मुआवजा
कॉरिडोर की जद में आने वाले भवनों को मुआवजा तय करने के लिए प्रशासन की एक टीम लखनऊ जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में भवनों का मुआवजा तय किया जाएगा। साथ ही कॉरिडोर निर्माण के अन्य बिंदुओं पर चर्चा होगी। अधिकारी इसकी तैयारी में जुट गए हैं। सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर भवन स्वामियों का मुआवजा तय किया जाएगा। इसमें सर्किल रेट भी देखे जाएंगे।