थाना क्षेत्र के गांव नसीटी निवासी किसान सुखवीर ने अब तक मुआवजा न मिलने से क्षुब्ध होकर रविवार को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उन्होंने चार बीघा अपनी खेती के अलावा करीब 25 बीघा खेत पट्टे पर लेकर गेहूं की फसल बोई थी। ओलावृष्टि और अतिवृष्टि के चलते उनकी पूरी फसल बर्बाद हो चुकी है। इसका मुआवजा उन्हें न मिलकर खेत मालिका को मिला है।
प्रकृति की मार से फसल बर्बाद होने के बाद से किसान को परिवार के गुजारे की चिंता खाए जा रही थी। शासन और प्रशासन की ओर से दिए जाने वाले आश्वासन के बाद उसे उम्मीद थी कि उसकी खेती में हुए नुकसान का उसे भी मुआवजा मिलेगा। लंबे समय बाद भी उसे जब एक धेला नहीं मिला तो वह और टूट गया।
बताया गया कि उसने जिनकी जमीन पट्टे पर ली थी उसका मुआवजा भी जमीन मालिक को मिल गया है। आगे कोई आशा न देख किसान ने रविवार को शाम करीब छह बजे पंखे पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। परिवारीजनों ने जब उसका शव फंदे पर लटका देखा तो घर में कोहराम मच गया। देर शाम परिवारीजनों ने तहसील प्रशासन को घटना से सूचित कर दिया था और शव का दाहसंस्कार कर दिया।