मथुरा। परिषदीय स्कूलों के बच्चे अब किताबों के साथ ही डिजिटल पढ़ाई भी करेंगे। केंद्र सरकार की पहल पर समग्र शिक्षा के अंतर्गत सभी परिषदीय स्कूलों में डिजिटल लाइब्रेरी राष्ट्रीय ई-पुस्तकालय तैयार किए जाएंगे। पहले चरण में ई-पुस्तकालय शहरी क्षेत्र के विद्यालयों में शुरू होंगे। इसमें मथुरा के 40 और वृंदावन के 7 स्कूलों से पहल शुरू होगी। एक क्लिक पर बच्चों की पढ़ाई से लेकर सामान्य ज्ञान, व्यक्तित्व निर्माण की किताबों के साथ ही ऑडियो बुक्स उपलब्ध होंगी।
परिषदीय स्कूलों में नए सत्र से डिजिटल लाइब्रेरी की शुरू करने की तैयारी है। इसका उद्देश्य बच्चों में अध्ययन की प्रवृत्ति के साथ ही रचनात्मक कौशल विकसित करना है। डिजिटल लाइब्रेरी तैयार हो जाने के बाद बच्चों को किताबों के आने में देरी होने के बाद भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
बीएसए सुनील दत्त ने बताया कि डिजिटल लाइब्रेरी की खासियत यहां उपलब्ध चार आयुवर्ग की किताबें होंगी। बच्चों को अक्षर ज्ञान के साथ ही महापुरुषों की जीवनी तक पढ़ने को मिलेगी। चार आयुवर्ग में तीन से 8 साल, 8 से 11 साल, 11 से 14 और 14 से 18 वर्ष के बच्चों को ध्यान में रखते हुए पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी। एक क्लिक पर अलग-अलग विषयों की तीन हजार से ज्यादा पुस्तकें बच्चों का ज्ञानवर्धन करेंगी।
अक्षर ज्ञान से बाल कहानियों तक
ई-पुस्तकालय में छोटे बच्चों के लिए अक्षर ज्ञान से लेकर रोचक बाल कहानियां, स्वतंत्रता सेनानियों की जीवनी, महापुरुषों की जीवनी, कविताएं, इतिहास, विज्ञान, प्रकृति और भारतीय सेना से जुड़ी किताबें होंगी।