यूपी एजूकेशनल मिनिस्ट्रीयल ऑफिसर्स एसोसिएशन ने बुधवार को विजिलेंस टीम द्वारा रंगे हाथों पकडे़ गए प्रधान सहायक अशोक शर्मा को निर्दोष बताते हुए फंसाने का आरोप लगाया। विरोध जताते हुए डीआईओएस कार्यालय में तालाबंदी कर राजकीय इंटर कालेज में धरना दिया।
जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के प्रधान सहायक अशोक कुमार शर्मा को विजिलेंस टीम ने बुधवार को दस हजार रुपये घूस लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा था। राजकीय इंटर कालेज में धरना दे रहे डीआईओएस कार्यालय कर्मियों का कहना है कि लिपिक को जबरन रुपये थमाए गए थे। शाम को फिर से विजिलेंस और फर्जी प्रबंधतंत्र के लोग कार्यालय पहुंचकर रिकार्ड और पत्रावलियों को लेकर जाने लगे।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ एवं प्रधानाचार्य परिषद ने भी यूपी एजूकेशनल मिनिस्ट्रीयल एसोसिएशन को समर्थन दिया। जिलाध्यक्ष अजीतवीर सिंह ने कहा कि यदि विजिलेंस के अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई और अशोक कुमार शर्मा को रिहा नहीं किया जाएगा, तब तक कर्मी हड़ताल पर रहेंगे।
इस दौरान सह जिला विद्यालय निरीक्षक राघवेंद्र सिंह, संरक्षक सोरन सिंह, रामेश्वर दयाल शर्मा, मोहन सिंह, जमुना प्रसाद शर्मा, चंद्रमोहन शर्मा, गौरीशंकर, रमाशंकर सारस्वत, धर्मपाल, ब्रजराज, अंजू शर्मा आदि उपस्थित रहे।
आरोपी लिपिक को भेजा जेल
डीआईओएस कार्यालय के प्रधान सहायक अशोक कुमार शर्मा को विजिलेंस ने मेरठ में पेश किया। यहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। गौरतलब है कि अशोक कुमार शर्मा को बुधवार को विजिलेंस की टीम ने डीआईओएस कार्यालय में दस हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।