मथुरा। कथावाचक अनिल कुमार तिवारी उर्फ अनिरुद्धाचार्य का पुतला दहन करने और उनके खिलाफ मुकदमा दायर होने की झूठी सूचना सोशल मीडिया पर वायरल करने पर अखिल भारत हिंदू महासभा की जिलाध्यक्ष मीरा राठौर और उनकी सहयोगी मथुरा निवासी गुंजन शर्मा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। कथावाचक ने उच्च न्यायालय के अधिवक्ता के माध्यम से उन्हें नोटिस भेजकर 15 दिन में स्पष्टीकरण मांगा है।
महिलाओं को लेकर कथावाचक पर अश्लील टिप्पणी का आरोप लगाते हुए मीरा राठौर ने अनिरुद्धाचार्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए कोर्ट में परिवाद दाखिल किया था। उनके परिवाद को कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। इसके बाद मीरा राठौर ने मीडिया के माध्यम से कथावाचक के खिलाफ कथित तौर पर रिपोर्ट दर्ज होने का बयान दिया था। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर भी इस बारे में बयान जारी किए थे। इसी को लेकर कथावाचक ने उच्च न्यायालय के अधिवक्ता के माध्यम से आगरा निवासी मीरा राठौर व मथुरा निवासी गुंजन शर्मा को लीगल नोटिस भेज कर सोशल मीडिया पर दिए गए बयान और सामग्री को 15 दिन में हटाने के लिए कहा है।
कथावाचक के अधिवक्ता ने बताया कि कोर्ट में कथा वाचक के खिलाफ कोर्ट में परिवाद स्वीकार हुआ है। कोर्ट ने उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर प्रदान किया है। संभव है कि कोर्ट में बयान दर्ज होने के बाद उनके खिलाफ दर्ज किया गया परिवाद खारिज हो जाए। कोर्ट का निर्णय आने से पूर्व अनर्गल बयान देना कोर्ट की भी अवमानना है। उन्होंने बताया कि मीरा राठौर और उनकी सहयोगी को नोटिस जारी कर 15 दिन में स्पष्टीकरण मांगा है। अन्यथा प्रतिष्ठात्मक क्षति के तौर पर दस लाख रुपये 15 दिन के भीतर उन्हें अदा करने होंगे।
वहीं इस नोटिस को लेकर अखिल भारत हिंदू महासभा आगरा की जिलाध्यक्ष मीरा राठौर ने कहा है कि नोटिस से उल्टा चोर कोतवाल को डांटे वाली कहावत चरितार्थ होती नजर आ रही है। कथा वाचक अनिरुद्धाचार्य के वकील ने मानहानि का नोटिस भेजा है। नोटिस का जवाब वकील के माध्यम से दिया जाएगा। वह धमकियों से डरने वाली नहीं हैं और उनका संघर्ष जारी रहेगा।