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आंधी से तबाही: 100 से अधिक पेड़ टूटे, बिजली के खंभे भी धराशायी...गांवों में छाया अंधेरा, पानी के लिए भटके लोग

Sun, 13 Apr 2025 12:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा

सार

आंधी लोगों के लिए मुसीबत बन गई। अचानक मौसम बदल गया और बारिश शुरू हो गई। इससे बिजली भी गुल हो गई। पूर्वानुमान के अनुसार सोमवार तक मौसम खराब रहने की आशंका जताई गई है।
 
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पुलिस लाइन में सड़क पर टूटकर गिरा पेड़ और गुजरता पुलिस वाहन। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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मथुरा में शनिवार रात को आई आंधी ने जिले में खूब तबाही मचाई। सौ से अधिक पेड़ जहां टूटे वहीं इतने ही बिजली के खंभे भी धराशायी हो गए। शहर से लेकर देहात तक बिजली कटौती लोगों के लिए मुसीबत बनी रही। पुलिस लाइन की बिजली आपूर्ति बाधित रहने के चलते 500 परिवार पानी के लिए रविवार को भी तरसते रहे। 
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शनिवार को आई आंधी अपने पीछे तबाही के निशान छोड़ गई। शहर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में सौ से अधिक पेड़ उखड़ गए। शहर के मयूर विहार कॉलोनी, कलेक्ट्रेट परिसर, पुलिस लाइन समेत अन्य स्थानों पर पेड़ टूटे तो कहीं जड़ से उखड़ गए। ग्रामीण क्षेत्रों का हाल भी कुछ ऐसा ही रहा। जिले भर में सौ से अधिक पेड़ आंधी में धराशायी हो गए। वहीं बिजली की लाइनें और खंभों पर भी आंधी आफत बनकर टूटी। 

107 बिजले के खंभे टूटने के साथ ही 10 ट्रांसफार्मर भी जमीन पर आ गिरे। इतना ही नहीं बिजली व्यवस्था भी पूरी तरह ध्वस्त हो गई। चंदनवन, मोतीकुंज, मयूर विहार समेत अन्य कॉलोनियों में शाम छह बजे से रात दो बजे तक आठ घंटे के लिए बिजली आपूर्ति बाधित रही। वहीं जनरलगंज, बंगाली घाट, सदर, आर्य समाज रोड, होली गेट, भरतपुर गेट क्षेत्र में शाम 7 बजे से रात 1 बजे तक 6 घंटे बिजली नहीं आई।
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रात दो बजे तक शहर के अधिकांश क्षेत्र में बिजली आपूर्ति चालू हो गई, लेकिन पुलिस लाइन में पेड़ टूटकर लाइन पर गिरने और खंभा टूटने के कारण आपूर्ति बंद रही। यहां रविवार दोपहर 12 बजे तक भी विद्युत निगम की टीम न पहुंचने से 500 से अधिक पुलिसकर्मियों के परिवार पानी के लिए भी परेशान रहे। दरअसल बिजली न आने से पानी की टंकी नहीं भरी जा सकी। इसी टंकी से भी सभी आवासों में पानी की आपूर्ति होती है। देर शाम यहां बिजली आपूर्ति सुचारू होने पर लोगों ने राहत की सांस ली।

ग्रामीण अंचल में 14 तो कहीं 24 घंटे बाद आई बिजली आंधी से ग्रामीण अंचल में भी विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। सुरीर विद्युत उपकेंद्र से जुड़े दो दर्जन से अधिक गांवों में आंधी और बारिश शुरू होते ही आपूर्ति बंद हो गई थी। इसके बाद खंभे और लाइनें टूटने से रात भर क्षेत्र के गांवों में बिजली नहीं आई। रविवार को सुबह 9 बजे 14 घंटे बाद उपकेंद्र से बिजली आपूर्ति शुरू हो सकी। 

जगह जगह विधुत लाइन में फाल्ट होने और विधुत लाइन पर पेड़ों के गिरने से समस्या उत्पन्न हो गई। शनिवार की सुबह विधुत कर्मचारियों द्वारा कड़ी मेहनत कर विधुत सप्लाई शुरू कराई।तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली। वहीं सौंख में 15 खंभे टूटने के कारण बाधित हुई बिजली आपूर्ति रविवार को दोपहर बाद शुरू हो सकी। बदलेव में 22 से 24 घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रहने से लोगों के फोन भी बंद हो गए। खंभे और लाइनें टूटने से बलदेव में शनिवार रात 8 बजे बंद हुई बिजली आपूर्ति रविवार को शाम 6 बजे शुरू हो सकी। वहीं ग्रामीण अंचल में 24 घंटे बाद आपूर्ति शुरू हो सकी।

44 गांवों में 24 घंटे बाद भी नहीं आई बिजली
क्षेत्र के चांदपुर व छिनपारई फीडर के तीन-तीन और ठेनुआं फीडर के दो खंभे सहित कई बड़े पेड़ टूटकर लाइनों पर गिर गए। इसके कारण गांव देदना, मरहला, छिनपारई, सुहागपुर, लालपुर, पालखेड़ा, रायकरन गढ़ी समेत 44 गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। रविवार शाम को 24 घंटे बीतने के बाद भी इन गांवों में बिजली नहीं आई। एसडीओ लाल बहादुर सिंह ने बताया कि मरम्मत कार्य जारी है, देर रात लगभग 10 बजे तक बिजली आपूर्ति शुरू सकेगी।
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