मथुरा। राज्य विधिज्ञ परिषद उत्तर प्रदेश ने बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद शर्मा और राजपाल सिंह एडवोकेट के निष्कासन को 14 मई तक स्थगित कर दिया है। साथ ही बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों को सुनवाई के लिए बुलंदशहर सिविल बार एसोसिएशन में सुनवाई के लिए बुलाया है।
बार एसोसिएशन अध्यक्ष प्रदीप शर्मा ने 24 अप्रैल 2025 को बार के पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र कुमार शर्मा को साथी अधिवक्ताओं के साथ गाली-गलौज करने के आरोपों के चलते बार की सदस्यता से निष्कासित कर दिया। इससे पूर्व 20 दिसंबर 2024 को भी बार की सदस्यता से निष्कासित किया था। दोनों अधिवक्ताओं ने अपने निष्कासन के खिलाफ राज्य विधिज्ञ परिषद उत्तर प्रदेश (बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश) के यहां पत्र भेजा। पत्र में उन्होंने सदस्यता बहाली का अनुरोध किया।
बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश प्रयागराज के अध्यक्ष शिव किशोर गौड़ ने दोनों अधिवक्ताओं की शिकायत को गंभीरता से लिया। दोनों अधिवक्ताओं का पक्ष सुनने के बाद बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश ने निष्कासन का आदेश 14 मई 2025 तक स्थगित कर दिया है। साथ ही मामले की सुनवाई के लिए बुलंदशहर सिविल बार एसोसिएशन में 1.30 बजे दोनों अधिवक्ता और बार एसोसिएशन मथुरा के पदाधिकारियों को जवाब मय शपथ पत्र के साथ मौजूद रहने का आदेश दिया है।