मथुरा। ब्रज 84 कोस परिक्रमा मार्ग पर राल क्षेत्र के गांव तारसी में परिक्रमार्थियों को एक्सपायरी दवाएं वितरित किए जाने के मामले की जांच अब निर्णायक चरण में पहुंच गई है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय जांच समिति मंगलवार को शिकायतकर्ता और आरोपी स्वास्थ्य कर्मियों के बयान दर्ज करेगी। जांच के दौरान दोनों पक्षों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेकर उपलब्ध दस्तावेजों और अभिलेखों का मिलान किया जाएगा, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि दवा वितरण में किस स्तर पर लापरवाही हुई।
स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (एसीएमओ) के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति ने प्रारंभिक जांच के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) राल के प्रभारी, संबंधित फार्मासिस्ट तथा सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) को कारण बताओ नोटिस जारी कर उनका लिखित स्पष्टीकरण मांगा था। अब सभी संबंधित अधिकारियों और शिकायतकर्ता को समिति के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए गए हैं।
जांच समिति बयान दर्ज करने के साथ-साथ दवा वितरण से जुड़े स्टॉक रजिस्टर, दवाओं की खरीद और वितरण का रिकॉर्ड, एक्सपायरी तिथि, दवा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तथा मौके पर तैनात कर्मचारियों की भूमिका की भी बारीकी से जांच करेगी। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि यदि दवाएं एक्सपायरी थीं तो उन्हें स्टॉक से हटाने के बजाय इनका वितरण कैसे किया गया। इसके लिए किसकी जिम्मेदारी बनती है।
सीएमओ को सौंपेगी रिपोर्ट
समिति सभी तथ्यों और साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। समिति अध्यक्ष एसीएमओ डॉ. आलोक कुमार ने बताया कि सबसे पहले शिकायतकर्ता के बयान होंगे। इसके बाद आरोपी फार्मासिस्ट और सीएचसी प्रभारी के बयान दर्ज होंगे। इनके आधार पर रिपोर्ट तैयार की जाएगी।