नगरवासियों का कहना है कि प्रदेश सरकार को अधिग्रहण से पहले वृंदावन के चहुंमुखी विकास पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उनका कहना है कि स्थानीय निकाय और जिला प्रशासन का अव्यवस्थाओं की ओर ध्यान नहीं है। बांकेबिहारी मंदिर ही नहीं नगर के अधिकांश मंदिरों को जाने वाले वाले मार्ग जर्जर अवस्था में है।
इस कारण श्रद्धालु आए दिन चुटैल होते हैं।
विद्यापीठ चौराहे से लेकर अहीर पाड़ा, मनीपाड़ा होते हुए, हरिनिकुंज चौराहे से कालीदल चौराहा, दुसायत मोहल्ला होते हुए दोनों प्रमुख मार्ग जर्जर अवस्था में हैं। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के अधिग्रहण की चर्चाओं के बीच श्रद्धालुओं का कहना है कि जब सरकार अपनी जिम्मेदारी पहले ही निभाने में नाकाम साबित हो रही है, ऐसे में मंदिर अधिग्रहण कर सरकार श्रद्धालुओं को कौन-सी नई सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कह रही है? ब्रज हेरीटेज एलाइंस के संयोजक मधुमंगल शुक्ला, वृंदावन बंधु के निदेशक जगन्नाथ पोद्दार, हरिबाबू शर्मा, ऋषिकुमार शर्मा का कहना है कि प्रदेश सरकार को अधिग्रहण से पहले वृंदावन के चहुंमुखी विकास पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। हाल।