श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में 1992 में विवादित ढांचा तोड़े जाने के मामले की बरसी पर मंदिरों और अन्य धार्मिक स्थानों पर सतर्कता बरती गई। श्रीकृष्ण जन्मस्थान सहित दर्जनों स्थानों पर पुलिसकर्मी राउंड लेते रहे।
श्रीकृष्ण जन्मस्थान परिसर में सुरक्षा में जुटे 500 से अधिक जवान अपने-अपने सुरक्षा प्वाइंट पर जुटे रहे और शाही ईदगाह मस्जिद और मंदिर परिसर की प्राचीर पर संगीनधारी सुरक्षाकर्मी तैनात रहे।
इसके अलावा दूरबीन से हवाई सुरक्षा की समय-समय पर जांच करते रहे। इसके अलावा द्वारिकाधीश मंदिर, भूतेश्वर महादेव, कैंट कालीदेवी, रंगेश्वर महादेव, नया बस अड्डा, पुराना बस अड्डा, रेलवे जंक्शन, कैंट स्टेशन आदि भीड़भाड़ वाले इलाके में पुलिसकर्मी चहल कदमी करते रहे।
इस दौरान कोतवाली, गोविंद नगर, सदर बाजार पुलिस और गोपनीय शाखा के लोग हिंदूवादी संगठनों की टोह लेते रहे।