मथुरा। राजकीय बाल गृह (बालिका) में संरक्षित किशोरियों की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को और मजबूत किया जाएगा। बालिका गृह के कमरों में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी ताकि वे किशोरियों की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ उनसे संवाद भी कर सकें। प्रत्येक घंटे किशोरियों की गिनती, परिसर में सुझाव पेटिका भी लगाई जाए, जिससे किशोरियां अपनी शिकायत, समस्या अथवा कोई गोपनीय सूचना अधिकारियों तक पहुंच सकें।
बीती 21 अगस्त को बरेली की किशोरी की अलीगढ़ और पीलीभीत की किशोरियों ने पानी से भरी बाल्टी में सिर डुबो कर हत्या कर दी थी। इसके बाद दोनों किशोरियों को बाराबंकी भेज दिया गया। घटना के बाद बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के अध्यक्ष राजेश दीक्षित ने अपनी टीम के साथ राजकीय बाल गृह (बालिका) का निरीक्षण किया। इस दौरान सामने आए सुरक्षा संबंधी पहलुओं के आधार पर सीडब्ल्यूसी ने 12 बिंदुओं की रिपोर्ट तैयार की है।
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत कमरों में तैनात कर्मचारी किशोरियों से बातचीत कर उनकी मनोदशा और समस्याओं की जानकारी भी लेते रहेंगे। इसका उद्देश्य किशोरियों को अकेलापन महसूस न होने देना और किसी तरह की परेशानी सामने आने पर समय रहते समाधान करना है। ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों के मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर भी रोक रहेगी। कोई भी कर्मचारी ड्यूटी के समय मोबाइल लेकर परिसर अथवा कमरों में प्रवेश नहीं करेगा। सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष ने बताया है कि यह बिंदुवार रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी जाएगी। निरीक्षण के दौरान सदस्य मोहिनी शर्मा, अंजू शर्मा, अनीता गुप्ता भी मौजूद रहीं।
ड्यूटी बोर्ड पर लिखे जाएं तैनात कर्मियों के नाम
उन्होंने बताया है कि प्रतिदिन स्टाफ ड्यूटी बोर्ड पर तैनात कर्मचारियों के नाम और उनकी ड्यूटी दर्ज करना अनिवार्य होना चाहिए। इससे किसी भी समय यह स्पष्ट रहेगा कि किस कर्मचारी की जिम्मेदारी किस स्थान पर है। रिपोर्ट में शामिल सभी सुरक्षा बिंदुओं पर प्रशासन की मंजूरी के बाद लागू किया जाएगा।