बरसाना के मान मंदिर से चली श्रीराधारानी ब्रज चौरासी कोस पदयात्रा बलदेव से अगले पड़ाव स्थल चिंताहरण महावन को प्रस्थान कर गई।
बलदेव पड़ावस्थल से रीढ़ा, मेला रोड, नीवरी रोड, पुराना डाकखाना, स्टेट बैंक सराय, नरहौली, हथौड़ा होते हुए चिंताहरण को प्रस्थान किया। ब्रजयात्रियों का जगह-जगह विभिन्न प्रकार के प्रसाद, पुष्प वर्षा और आरती उतार कर स्वागत किया गया।
बलदेव में पड़ाव स्थल पर रात को मुरलिका शर्मा ने कहा कि ब्रज के कण-कण में भगवान का वास है। इस भूमि के लिए देवता भी तरसते हैं। मानव जीवन मिला है तो प्रत्येक क्षण मानव को जप भजन संकीर्तन करना चाहिए।
प्रत्येक ब्रजवासी यमुना को बचाने का संकल्प ले। श्रीजी शर्मा ने कहा कि कलियुग में भगवान नाम और जप संकीर्तन से मानव का कल्याण हो सकता है। ब्रजवासी यमुना के लिए अपना तन, मन, धन समर्पित कर यमुना को बचाने के लिए आगे आएं, तभी ब्रज का पुराना रूप वापस लौटेगा।
भागवत प्रवक्ता रामजी लाल शास्त्री, यमुना बचाओ संयोजक राधाकांत शास्त्री, नृसिंह महाराज ने प्रवचन किए।