उत्तर प्रदेश पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो-अनुसंधान संस्थान (वेटरिनरी विवि) के दीक्षांत समारोह में आकांक्षा सिंह ने शैक्षिक सत्र 2014-15 के अंतर्गत दो गोल्ड मेडल प्राप्त किए हैं। आकांक्षा वर्तमान में आईवीआरआई इज्जतनगर बरेली में स्नातकोत्तर की छात्रा हैं। मूल रूप से जौनपुर की रहने वाली आकांक्षा को इस दीक्षांत समारोह में सबसे अधिक दो मेडल मिले हैं।
वेटरिनरी विवि के पांचवें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल राम नाईक ने शैक्षिक सत्र 2014-15 के लिए छात्र-छात्राओं को विभिन्न पदक प्रदान किए। इसमें दो स्वर्ण पदक आकांक्षा सिंह को मिले। आकांक्षा के पिता राजेन्द्र प्रताप सिंह फैजाबाद के नरेंद्र देव कृषि विवि में प्रोफेसर हैं। यहां कैंपस में ही उनका वर्तमान में निवास है। आकांक्षा वर्तमान में जूनियर रिसर्च फेलोशिप पाकर आईवीआरआई इज्जतनगर बरेली में स्नातकोत्तर डिग्री प्रोग्राम में अध्ययनरत हैं। उन्हें वेटरिनरी विवि, मथुरा में बीवीएससी एंड एएच प्रोग्राम के तहत पहला स्थान प्राप्त करने पर स्वर्ण पदक दिया गया। इसके अलावा उन्हें आईएसवीपीटी गोल्ड मेडल मिला है।
इसी कोर्स में गाजीपुर के आनंद कुशवाह पुत्र कोमल सिंह ने रजत पदक प्राप्त किया। आनंद भी वर्तमान में आईवीआरआई बरेली में स्नातकोत्तर के छात्र हैं। कांस्य पदक पाने वाले मथुरा के देशदीपक भी आईवीआरआई बरेली से ही पीजी कर रहे हैं। उनके पिता अशोक कुमार मथुरा वेटरिनरी विवि में फार्म सहायक हैं। शिकोहाबाद की रेलवे कॉलोनी निवासी लवीना पुत्री बीके शर्मा ने पंडित जानकीनाथ मदन स्मृति बेस्ट क्लीनिशियन पदक पाया। वे लुधियाना में माइक्रोबायोलॉजी से पीजी कर रही हैं। जौनपुर की मूल निवासी दीपांका पुत्री वाईएन यादव ने वाइस चांसलर मेडल हासिल किया है। परिवार के साथ वर्तमान में मथुरा में रह रहीं दीपांका वर्तमान में मथुरा वेटरिनरी कॉलेज से ही पीजी कर रही हैं।
एमवीएससी डिग्री प्रोग्राम का स्वर्ण पदक बलरामपुर के सुधीर सिंह पुत्र सरदार सिंह को मिला है। रजत पदक ग्वालियर की अर्चना यादव के खाते में गया है। अर्चना एडीआरआई करनाल में पीएचडी कर रही हैं। एमवीएससी का वाइस चांसलर मेडल झांसी की सरस्वती ओझा पुत्री एपी ओझा को मिला है।
नौ में से छह मेडल बेटियों के नाम
वेटरिनरी विवि के पांचवें दीक्षांत समारोह में स्नातक और स्नातकोत्तर डिग्री प्रोग्राम के प्रदान किए गए नौ मेडल में से छह मेडल छात्राओं के नाम रहे। छात्रों को दोनों डिग्री कोर्स में तीन मेडल मिले हैं। स्नातकोत्तर के तीन मेडल में से दो पर छात्राएं काबिज रही हैं। इस आंकड़े पर कुलाधिपति राज्यपाल राम नाईक ने खुशी जाहिर की और छात्राओं से इसे बरकरार रखने को कहा। छात्रों को भी आगे बढ़ने का संदेश दिया है। कुलाधिपति ने कहा कि उन्होंने कुलपति से दोनों डिग्री प्रोग्राम के छात्र-छात्राओं का आंकड़ा मांगा था। यहां अभी छात्राएं कम हैं लेकिन संतोषजनक बात यह है कि मेडल पाने में छात्राओं ने छात्रों को पीछे छोड़ दिया है।