महावन (मथुरा)। कार्ष्णि उदासीन आश्रम रमणरेती महावन में श्रीकृष्ण एवं राधारानी की युगल जोड़ी ने लड्डू व फूलों की होली खेली। वृंदावन से आए कलाकारों ने रास किया। पूरा पंडाल अबीर-गुलाल से रंगमय हो गया। इस दौरान मत जइयो सखी री अकेली पनघट पे.. आदि रसिया गाए गए।
कार्ष्णि गुरु शरणानंद महाराज, पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर श्यामसुंदर दास, कार्ष्णि स्वरूपानंद महाराज, स्वामी हरदेवा नंद आदि ने ठाकुर रमणबिहारी की आरती कर कार्यक्रम की शुरुआत की। होली महोत्सव में शामिल होने महावन, गोकुल व आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। कार्ष्णि गोपाल जयंती महोत्सव के चौथे दिन होली महोत्सव मनाया गया। इसमें वृंदावन धाम से ब्रज माधुरी लीला संस्थान के भगवत किशोर व्यास के सानिध्य में रास का मंचन हुआ।
गोपाल ठाकुर व्यास की मंडली द्वारा भव्य फूलों की होली का मंचन किया गया। गोपाल ठाकुर व्यास ने मत जइयो सखी री अकेली पनघट पे, चल्यौ अइयो रे श्याम मेरे पनघट पे चल्यौ अइयो रे कोई भलौ बुरौ मत मानौ रगन जन होरी है। आज होरी खेलन आये रे नटवर नंद किशोर, बांकेबिहारी की बांकी मरोर चित लीनौ है चोर आदि रसियों का गायन किया गया। आश्रम में 11 क्विंटल फूल लाए गए।
पीठाधीश्वर कार्ष्णि गुरु शरणानंद महाराज ने श्रद्धालुओं से टेसू के फूल, गुलाल, फल व लड्डुओं की होली खेली। महामंडलेश्वर श्यामसुंदर दास महाराज, भगवताचार्य रमेश भाई ओझा, कार्ष्णि स्वरूपानंद महाराज, कार्ष्णि गोविंदानंद महाराज, कार्ष्णि नागेंद्र महाराज, कार्ष्णि हरदेवानंद महाराज, कार्ष्णि सर्वज्ञानंद महाराज, कार्ष्णि दिव्यानंद महाराज, हरिदेवानंद महाराज, कार्यक्रम व्यवस्थापक दिलीप, उमेश जठवानी, चंदर अरोड़ा, गिरीश, गुरु दत्ता, रूपेश आदि मौजूद थे।
अपने लड्डू गोपाल लेकर पहुंचीं महिला श्रद्धालु
अपने लड्डू गोपाल को लेकर मेरठ से आई छवि व अलीगढ़ से आई नीतू ने रमणरेती आश्रम में होली का आनंद लिया। उनका कहना था कि वह हर बार यहां होली के कार्यक्रम में शामिल होने आती हैं। बड़ा आनंद आता है।