मथुरा। महानगर के तीन चौराहे-तिराहों पर शुरू हुई सिग्नल लाइटों की व्यवस्था जानकारी के अभाव में उलझती नजर आ रही है। वाहन चालक इसका पालन नहीं कर पा रहे हैं। रेड लाइट होने के बाद भी वाहन फर्राटा भरते हैं। सिग्नलों की जानकारी न होने पर वाहन चालक आपस में टकरा जाते हैं।
महानगर के मसानी चौराहा, कृष्णापुरी तिराहा और टैंक चौराहे पर सिग्नल लाइटें चालू हो गईं। इन चौराहे और तिराहों पर रेड लाइट जलने पर अधिकतर वाहन चालक रुक जाते हैं, पर कई दोपहिया वाहन चालक इस लाइट को पार करने में गुरेज नहीं करते। कई बार ऐसा भी होता है कि वाहन चालक खासकर दोपहिया वाहन आपस में टकरा जाते हैं।
ऐसे वाहन चालकों को जागरूक करने के लिए ट्रैफिक पुलिस के जवान मुस्तैद होने चाहिए। इससे सिग्नल लाइटों को पूरा पालन हो सकेगा। एसपी ट्रैफिक हरेंद्र कुमार ने बताया कि चौराहे और तिराहों पर ट्रैफिक पुलिस के जवान रहते हैं। जल्द ही ऐसे वाहन चालकों को जागरूक किया जाएगा। अगर वही गलती बार-बार करेंगे तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
रेड लाइट पार की तो कैमरों में हो जाओगे कैद
सिग्नल लाइट के संग कैमरे भी लगाए गए हैं। इन चौराहों और तिराहों से गुजरने वाले वाहन चालक इनमें कैद हो जाएंगे। चाहे वह सिग्नल लाइट को पार कर रहे हैं या फिर उनके सिर पर हेलमेट नहीं लगा है। अगर ऐसा है तो कैमरे में कैद होने के बाद नियम तोड़ने वाले वाहन चालक का चालान हो जाएगा। कई वाहन चालकों को इसकी जानकारी नहीं लगती है। चालान आने पर इसका पता चल सकेगा। हालांकि अभी तक चालान किसी के पास नहीं पहुंचा है।
सड़क को घेर लेते हैं वाहन, बायीं तरफ के फंसते वाहन
सिग्नल लाइटों पर एक बड़ी समस्या खड़ी होने लग गई है। बायीं तरफ किसी वाहन को जाना है तो वह फंसा रह जाता है। कारण यह कि आगे खड़े वाहन को सीधे जाना है। बायीं तरफ जाने वाले वाहनों को ट्रैफिक पुलिस को एक लाइन अलग से बनवानी चाहिए, जिससे कि बायीं तरफ की ग्रीन लाइट होने पर उन्हें निकलने में आसानी हो। साथ ही आने वाले वाहनों को आसानी से निकलने के लिए जगह मिल सके। यह वाहन चालक तो पूरी सड़क ही घेरकर खड़े हो जाते हैं। हालांकि कुछ सेकंड बाद ग्रीन लाइट बायीं, दायीं और सामने होने पर वाहन निकलने लगते हैं।
यहां जल्द शुरू होगी सिग्नल लाइटें
- डीगगेट तिराहा
- भरतपुरगेट चौराहा
- होलीगेट चौराहा
- भूतेश्वर तिराहा
- स्टेट बैंक चौराहा