श्रीकांत शर्मा को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के करीब होने का इनाम मिला है। अमित शाह जब मथुरा में चुनावी सभा करने आए थे तभी उन्होंने श्रीकांत शर्मा को बड़ी जिम्मेदारी सौंपने का इशारा किया था। हालांकि उस वक्त पब्लिक को लगा था कि हो सकता है कि श्रीकांत शर्मा मुख्यमंत्री बन जाएं।
श्रीकांत शर्मा मूलत: गोवर्धन विधानसभा के गांव गांठोली के रहने वाले हैं। वह लंबे समय तक एबीवीपी में रह चुके हैं। दिल्ली में डीएवी कालेज के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। अब काफी समय से भाजपा के राष्ट्रीय सचिव हैं। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से उनके करीबी रिश्ते हैं।
इसी के चलते उन्हें टिकट भी मिला था। भाजपा अध्यक्ष श्रीकांत शर्मा के चुनाव प्रचार के लिए दो दिनों तक मथुरा में डेरा डाले रहे थे। रामलीला ग्राउंड में हुई चुनावी सभा में उन्होंने कहा था कि श्रीकांत शर्मा अगर विधायक बनेंगे तो उन्हें बड़ी जिम्मेदारी दी जाएगी। हालांकि उन्होंने अपने वादा भी निभा दिया है।
पिता- अध्यापक राधारमण शर्मा
निवास-गांव गांठौली, गोवर्धन
शिक्षा-स्नातक, राजनीति शास्त्र
- एबीवीपी के माध्यम से छात्र राजनीति करते हुए साल 1992 में डीएवी कॉलेज दिल्ली छात्रसंघ के अध्यक्ष चुने गए। साल 1998 में भाजयुमो की राजनीति में आए। कई प्रदेशों के प्रभारी रहे। वर्तमान में राष्ट्रीय प्रवक्ता, सचिव एवं हिमाचल के प्रभारी हैं। पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ा और जीते।