युगल सरकार की धुन में नाचते गाते श्रीराधरानी ब्रज चौरासी कोस यात्रा के पदयात्री सोमवार को चमेलीवन पहुंच गए। मान मंदिर बरसाना के संत रमेश बाबा के निर्देशन में आगे बढ़ रही यात्रा प्रत्येक पड़ाव पर जोरदार स्वागत हो रहा है। यात्रा प्रारंभ होने के बाद पड़ाव स्थल तक पूरा मार्ग राधे-राधे के स्वरों से गुंजायमान रहा। पड़ाव स्थल पर संकीर्तन में श्रद्धालु आनंद अनुभव कर रहे हैं।
सोमवार को ब्रज के विरक्त संत रमेश बाबा के निर्देशन में चल रही ब्रज यात्रा दहगांव से कोटवन, हताना में पौराणिक स्थानों के दर्शन करती हुई चमेलीवन पहुंची। यहां पर गांववासियों ने यात्रियों की जोरदार अगवानी की। रमेश बाबा ने सत्संग को संबोधित करते हुए कहा कि भगवत नाम के लेने से सभी काम पूरे हो जाते हैं, चाहे कितना भी कठिन काम क्यों न हो। ब्रज संस्कृति लुप्त होने के कगार पर है।
अगर समय रहते नहीं चेते तो काफी पछताना पड़ेगा। आज की पीढ़ी पर पाश्चात्य संस्कृति हावी होती जा रही है। पुराने गीत, भजन, रसिया आदि को भूलकर युवा रीमिक्स गानों की ओर बढ़ता जा रहा है। इसे रोकना जरूरी है। अगर यही हाल रहा तो ब्रज की संस्कृति इतिहास के पन्नों में सिमटकर रह जाएगी।
बाबा ने चमेलीवन का इतिहास बताया। भागवताचार्य रामजीलाल शास्त्री, राधाकांत शास्त्री ने कहा कि साधु-संतों के आंदोलन के बाद भी सरकार ने यमुना में स्वच्छ जल प्रवाहित करने की ओर कोई कदम नहीं उठाया है। सरकार करोड़ो श्रद्धालुओं की आस्था से खिलवाड़ कर रही है।
यात्रा में आज
मंगलवार को ब्रज यात्रा नंदबाबा के कोषस्थल कोसी के प्राचीन स्थलों के दर्शन करेगी।