गिरिराज महाराज के जयकारों के बीच श्रीराधा रानी ब्रजयात्रा के श्रद्धालुओं ने मंगलवार को सप्तकोसीय गिरि परिक्रमा लगाई। तलहटी में जगह-जगह पुष्प वर्षा कर यात्रियों का स्वागत किया गया।
गिरिराज धरण हम तेरी शरण.. के घोष के साथ राधारानी ब्रजयात्रियों ने गिरिराजजी की सप्तकोसीय परिक्रमा लगाई। ब्रजयात्रा में राधा नाम संकीर्तन पर ब्रज बालाएं नृत्य करती आगे बढ़ रहीं थीं। ब्रजयात्रियों ने गोवर्धन में मानसी गंगा, दानघाटी, जान-अजान वृक्ष, गुलाल कुंड, बिलछू कुंड, हरदेवजी, चक्रेश्वर, मुखारबिंद, इंद्रा देवी, आन्यौर गांव, श्रीनाथजी का प्राकट्य स्थल दंडवती शिला, गोविंद कुंड, दाऊजी मंदिर, ऐरावत कुंड, अप्सरा कुंड, सुरभि कुंड, पूंछरी का लौठा, जतीपुरा, कुसुम सरोवर, उद्धव कुंड, राधाकुंड, ग्वालपोखरा, ऋणमोचन कुंड आदि दिव्य स्थलों का दर्शन, स्नान, आचमन कर राधारानी ब्रजयात्रा ने सभी स्थलों पर नमन किया।
भागवताचार्या साध्वी श्रीजी शर्मा ने बताया कि गिरिराजजी जाग्रत देव हैं। वह हर कामना को पूरा करते हैं। हमारे समस्त ब्रजयात्री भी इन गिरिराज महाराज से प्रार्थना करते हैं कि हमारी यमुना महारानी को अविरल और निर्मल प्रवाह में ब्रज-वृंदावन में लौटाएं। गिरिराज नगरी के लोगों ने ब्रजयात्रा का भव्य स्वागत किया। यात्रा का मंगलवार को 31वां पड़ाव मुखराई में रहा। बुधवार को यात्रा राजस्थान के सामई खेड़ा के लिए प्रस्थान करेगी।