फरह में निकाली गई बरात में शामिल भोलेनाथ के स्वरूप की झांकी
मथुरा/राधाकुंड/सौंख/शेरगढ़/टैंटीगांव/राया/फरह/नंदगांव/बलदेव। महाशिवरात्रि के अवसर पर बुधवार भोर से ही शिवालय हर-हर महादेव, बोल बम के जयकारों से गुंजायमान हो उठे। भक्तों ने प्रभु का जलभिषेक कर बिल्व पत्र, भांग, धतूरा अर्पित कर मनौती मांगी।
बड़ी संख्या में नवविवाहित महिलाओं ने जेहर चढ़ाया। मंदिरों में फूल बंगले सजे। शिव बरात भी निकाली गईं। सुरक्षा के मद्देनजर प्रमुख मंदिरों में अफसर व पुलिस टीम तैनाती रही। महावन के कृष्णकालीन चिंताहरण महादेव मंदिर में मंगलवार आधी रात से ही जलाभिषेक शुरू हो गया। पुजारी अनिल पंडित ने बताया कि मंदिर के शिवलिंग पर 1108 शिवलिंग उभरे हुए हैं।
यहां एक लोटा जल चढ़ाने से 1108 लोटा जल चढ़ाने का फल मिलता है। इस कारण बड़ी संख्या में दूर दराज से भी लोग जल चढ़ाने पहुंचे। राधाकुंड, सौंख , बलदेव, फरह, राया, शेरगढ़, टैंटीगांव के शिवालयों में सुबह से दोपहर बाद तक जलाभिषेक होता रहा। फरह में शिव-बरात भी निकाली गई। नंदगांव के आसेश्वर महादेव मंदिर में दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात और पंजाब के भक्तों ने अभिषेक-पूजन कर मनौती मांगी। दोपहर में यहां महादेव की कान्हा से मिलने की लीला का मंचन हुआ।
दाऊजी मंदिर में उमड़े श्रद्धालु
बलदेव। दाऊजी मंदिर में महाशिवरात्रि पर्व पर दाऊजी का विशेष शृंगार किया गया। इस अवसर पर श्रद्धालु गुलाल की वर्षा से आनंदित हो उठे। पूरा मंदिर दाऊजी महाराज की जय, रेवती मैया की जय के जयकारों से गूंज उठा। पुजारी रामनिवास शर्मा व बंटी पुजारी ने बताया कि बुधवार को सुबह से शाम तक भारी भीड़ उमड़ी। 15 मार्च को दाऊजी का विश्व प्रसिद्ध हुरंगा होगा। संवाद