मथुरा। छत्तीसगढ़ कुंज में रामभद्राचार्य महाराज को उपन्यास भेंट करते डॉ. अभिषेक वर्मा।
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वृंदावन। छत्तीसगढ़ कुंज में आयोजित जगदगुरु रामभद्राचार्य महाराज की कथा में शामिल होने के लिए शिवसेना (एनडीए गठबंधन) के मुख्य राष्ट्रीय समन्वयक एवं चुनाव प्रभारी डॉ. अभिषेक वर्मा वृंदावन पहुंचे। महाराज ने उन्हें सनातन योद्धा की उपाधि दी। उन्होंने महाराज को अपने पिता श्रीकांत वर्मा द्वारा रचित उपन्यास मगध भी भेंट किया।
स्वामी रामभद्राचार्य ने श्रीकांत वर्मा के साथ अपनी स्मृतियों को साझा करते हुए उनकी कविताओं और साहित्यिक योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि श्रीकांत वर्मा भारतीय साहित्य की अमूल्य धरोहर थे। उनकी लेखनी में राष्ट्र की आत्मा बोलती थी। डॉ. वर्मा को आशीर्वाद देते हुए महाराज ने उन्हें सनातन धर्म का सच्चा योद्धा कहकर सम्मानित किया।
उन्होंने कहा कि डॉ. वर्मा को कांग्रेस सरकार के समय राजनीति से प्रेरित अत्यधिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी, लेकिन जो धर्म और संस्कृति की सेवा करते हैं, उनके मार्ग स्वयं भगवान प्रशस्त करते हैं। डॉ. वर्मा ने भावुक होकर कहा, मैं पूज्य स्वामी रामभद्राचार्य जी को पितातुल्य मानता हूं। उनका आशीर्वाद और मार्गदर्शन मेरे लिए प्रेरणा का स्रोत है। जीवन भर मैं सनातन धर्म और राष्ट्र सेवा में उनके आदर्शों पर चलकर कार्य करता रहूंगा।
शाम को कन्हैया मित्तल ने बांधा समा, झूमने पर किया मजबूर
शाम को छत्तीसगढ़ कुंज आश्रम में कन्हैया मित्तल ने समा बांध दिया। उन्होंने लोगों को झूमने को मजबूर को मजबूर कर दिया। एक के बाद एक भजनों की प्रस्तुति ने लोगों का दिल जीत लिया।