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वृंदावन: श्रृंगार आरती के बाद जगमोहन में विराजे ठाकुर जी, दर्शन देकर किया श्रद्धालुओं को किया निहाल

Mon, 06 Oct 2025 01:32 PM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा

सार

 शरद पूर्णिमा के पर्व पर श्रीबांकेबिहारी मंदिर एक बार फिर दिव्य और अद्भुत दृश्य का साक्षी बने। इस दिन ठाकुरजी स्वयं बांसुरी की मधुर तान छेड़ेंगे और चंद्रमा की शीतल किरणें उनके चरणों की वंदना करेंगी। वर्ष भर में इसी दिन एक बार मोरमुकुट पहनकर ठाकुरजी बांसुरी धारण करते हैं।
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श्री बांके बिहारी मंदिर में सजा फूल बंगला
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विस्तार
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वृंदावन में शरद पूर्णिमा पर ठाकुरजी के दर्शन के लिए श्रीबांकेबिहारी मंदिर में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ पहुंचती है, लेकिन मंदिर में कमेटी और सेवायतों के बीच चल रही तनातनी शरद पूर्णिमा पर साफ दिखने को मिल गई। सुबह शृंगार आरती में दर्शन करने पहुंचे तो श्रद्धालुओं को पट बंद मिले। राजभोग सेवा में ही श्रद्धालु दर्शन कर पाए। राजभोग सेवा में दर्शन के ठाकुरजी का सिंहासन जगमोहन में लगाया गया था, इसलिए शृंगार आरती के सेवा के सेवायतों ने दर्शन को पट ही नहीं खोले। पट बंद करके ही अंदर आरती की गई। इससे श्रद्धालुओं में आक्रोश है।
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दरअसल शरद पूर्णिमा के दिन मंदिर में दर्शन कराने में जो हुआ, वह इतिहास के पन्ने में दर्ज हो गया। शृंगार आरती और राजभोग सेवा के सेवायतों के एकमत न होने के कारण मंदिर में श्रद्धालुओं ने काफी परेशानी उठाई। श्रद्धालुओं सामना करना पड़ा, वह इंतजार में खडे़ रहे और उनका शृंगार आरती के दर्शन ही नहीं हो पाए। मंदिर के पट ही नहीं खोले गए। राजभोग सेवा में जब ठाकुर जी जगमोहन में आए तब श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।

दरअसल हाईपावर्ड कमेटी ने सुबह और शाम को ठाकुर जी के दर्शन जगमोहन में कराने को आदेश दिया था लेकिन सेवायत गौरव गोस्वामी ने इस आदेश का विरोध कर दिया। पिछले दिनों प्रेसवार्ता कर उन्होंने जानकारी दी कि वह शृंगार आरती में गर्भगृह से ही दर्शन कराएंगे। उसके बाद डीएम सीपी सिंह, एसएसपी श्लोक कुमार श्री बांकेबिहारी मंदिर पहुंचे। वहां उन्होंने सेवायतों से बात की। लेकिन सेवायत एकमत नहीं हुए तो उन्होंने कह दिया कि मंदिर में कोर्ट के आदेश के अनुसार जिसे जैसे करना है, वह करें। 
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आदेश का पालन करना है या नहीं, यह उनका खुद निर्णय है। रात को मीटिंग के बाद राजभोग सेवा के डा. फ्रैंकी गोस्वामी ने कहा कि वह ठाकुर जी को जगमोहन में विराजेंगे जबकि शयन भोग के सेवायत गौरव गोस्वामी ने कहा कि वह गर्भगृह से ही दर्शन कराएंगे। लेकिन शृंगार आरती के दौरान मंदिर के पट बंद रहे। सुबह राजभोग की सेवा मंदिर में सुबह 8:27 बजे दर्शन हो पाए।

मंदिर में दर्शन की अव्यवस्थाओं को देखकर दर्शन करने आए पंकज बंसल का कहना था कि हाईपावर्ड कमेटी और सेवायतों को सामंजस्य बैठाना पडे़गा। जिससे किसी प्रकार से ऐसी स्थिति नहीं आए। वह हर बार श्रृंगार आरती में शामिल होने के लिए आते हैं लेकिन इस बार माहौल अलग दिखा। आरती के दौरान पट बंद रहे।

आगरा निवासी अमित ग्वाला का कहना है कि ठाकुर जी सभी के हैं। ठाकुर जी के दर्शन को लेकर कोई अव्यवस्था नहीं होनी चाहिए। वरना वो दिन दूर नहीं कि जनता ही अपने आराध्य के लिए सड़क पर आ जाएगी।
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