मथुरा। डॉक्टर निर्विकल्प अग्रवाल अपहरण में शामिल रहे अपहरणकर्ता अनूप कुमार पुत्र जगदीश कुमार निवासी कोलाहार (नौहझील) शातिर बदमाश है। उस पर मथुरा जनपद के आठ थानों में 16 मुकदमे और गौतमबुद्ध नगर के चार थानों में मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा शामिल अन्य पर भी मुकदमे बताए जा रहे हैं। ऐसे शातिर बदमाश को बचाने के लिए मथुरा पुलिस के अफसरों ने पूरी ताकत झोंक दी।
इस अपहरणकर्ता को वृंदावन पुलिस ने 11 महीने पहले यानि 20 मार्च 2019 में राल मोड़ से पकड़ा था। शातिर बदमाश को बचाने के लिए ताकत झोंकने वाली मथुरा पुलिस के अफसर भी पीछे नहीं रहे। क्योंकि इस अपहरणकांड में वसूली गई मोटी रकम का बंदरबांट जो किया गया। यह तो केवल खुलासा हो गया तो सच सामने आ गया। जांच चली तो आखिरकार बचाने वाली पुलिस को अनूप के खिलाफ मुकदमा दर्ज भी करना पड़ा।
जयगुरुदेव मामले में भी फाइनल रिपोर्ट लगाने वाली मथुरा पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो चुके हैं। इस मामले में भी पुन: विवेचना के आदेश आईजी आगरा जोन ए. सतीश गणेश दे चुके हैं। यह तो बानगी मात्र है कि डॉक्टर अपहरणकांड में मथुरा पुलिस की किरकिरी लखनऊ तक हुई। वृंदावन कोतवाली प्रभारी संजीव कुमार दुबे ने बताया कि अनूप 20 मार्च 2019 को पकड़ा गया था।