नंदबाबा मंदिर में विरोध करते सेवायत।
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मथुरा के नंदगांव में नंदबाबा मंदिर के सेवायतों की मंगलवार को हुई बैठक में वृंदावन में प्रस्तावित बांके बिहारी कॉरिडोर का विरोध जताया। सेवायतों का कहना है कि यह कॉरिडोर बांकेबिहारी मंदिर की परंपरा और आस्था से खिलवाड़ है।
वयोवृद्ध सेवायत विजन गोस्वामी ने कहा कि ब्रज के सभी मंदिरों के सेवायतों को एकजुट कर आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। पूर्व चेयरमैन ताराचंद गोस्वामी ने कहा कि सरकार काॅरिडोर की आड़ में मंदिरों का अधिग्रहण और परम्पराओं से खिलवाड़ करना चाहती है। हमारे वंशजों ने इन आराध्यों को अपनी भक्ति के बल पर प्रकट किया था। इन्हें सरकारी नियंत्रण में लाना आस्था पर प्रहार है।
विष्णु गोस्वामी ने बताया कि मंदिर अधिग्रहण से ब्राह्मणों की जीविकष्सरकार छीनना चाहती है। मुकेश गोस्वामी ने बताया कि उप्र सरकार सनातन विरोधी है। गौरव गोस्वामी ने कहा कि सरकार को यमुना शुद्धिकरण, गोरक्षा आदि पर ध्यान देना चाहिए। श्रद्धालुओं के दर्शनों की व्यवस्थाओं के लिए काॅरिडोर के अलावा अन्य विकल्पों पर विचार किया जाना चाहिए। विजय गोस्वामी ने कहा कि सरकारी जमीन पर यात्री आवास बनाकर दर्शन के लिए पंजीकरण की व्यवस्था की जानी चाहिए। सुरेश ब्रजवासी ने बताया कि सरकार के निर्णय से गोस्वामीजन आहत हैं। गुड्डी गोस्वामी, दिनेश गोस्वामी, जगदीश गोस्वामी, लोकेश गोस्वामी, बांकेबिहारी गोस्वामी, नितिन गोस्वामी आदि मौजूद रहे।
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कॉरिडोर और विरोध जारी रहेगा : आचार्य विष्णु
बलदेव में भी बांके बिहारी मंदिर के प्रस्तावित कॉरिडोर का पुरजोर विरोध हो रहा है। श्रीदाऊजी मंदिर के सेवायत गोस्वामी बलभद्र पीठाधीश्वर आचार्य विष्णु महाराज ने कॉरीडोर बनाए जाने का विरोध किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की है बिहारीजी मंदिर के लिए जो निर्णय लें, वह मंदिर के सेवायत गोस्वामी परिवारों की सहमति से लें। सरकार द्वारा कॉरिडोर का उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुविधा और मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण बताया गया है। यह परियोजना मंदिर की परंपरा, संरचना और अधिकारों का हनन है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आज वृंदावन का नंबर है, आगे सरकार ब्रज के सभी देवालयों को कॉरिडोर के नाम पर सरकार अपने अधीन ले लेगी। जनपद के सभी देवालयों के सेवायत गोस्वामियों से कहा कि वह बिहारीजी मंदिर के गोस्वामी परिवारों का आंदोलन में साथ दें।