फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

स्वीमिंग पूल में डूबने कक्षा सात के छात्र की मौत

Tue, 25 Apr 2017 08:06 PM IST
अमर उजाला वृंदावन
विज्ञापन
मौके पर पहुंची पुलिस - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
इस्कॉन के भक्ति वेदांत गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल के छात्रावास में रहकर दो साल से पढ़ाई कर रहे दिल्ली के गांधी नगर न्यू चांद मोहल्ला निवासी कार्तिकेय (13 साल)की स्कूल के स्वीमिंग पूल में डूबने से मौत हो गई। वह सोमवार की शाम करीब छह बजे 15 दोस्तों के साथ तैराकी सीख रहा था। पूल के अंतिम छोर पर गहरे पानी में चले जाने से वह डूब गया।
विज्ञापन


कक्षा सात में पढ़ने वाला मनीष शर्मा का बेटा कार्तिकेय दोस्तों के साथ जिस समय तैराकी सीख रहा था उस समय आश्रम के शिक्षक राजविद्यादास तो थे लेकिन कोई ट्रेनर मौजूद नहीं था। राजविद्यादास ने गुरुकुल के उप प्रधानाचार्य निर्मल कृष्णदास को छात्र के डूबने की जानकारी दी। इसके बाद बचाव कार्य हुए और कार्तिकेय को नयति अस्पताल ले जाया गया।

वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। गुरुकुल और इस्कॉन प्रबंधन ने मामले को छिपाने की कोशिश की लेकिन पुलिस को भनक लग गई। पुलिस ने पड़ताल शुरू कर दी है। पूल की गहराई 10 फुट के करीब है। अधिकांश छात्रों की लंबाई पांच फुट से अधिक नहीं है।
विज्ञापन


तवाली प्रभारी उदयवीर सिंह मलिक का कहना है कि मृतक छात्र के परिजनों को गुरुकुल द्वारा सूचना दे दी गई है। परिजन जैसा कहेंगे पुलिस कार्रवाई करने को तैयार है। पुलिस घटना के पीछे गुरुकुल की लापरवाही मानकर चल रही है।  वहीं विद्यालय के उप प्रधानाचार्य निर्मल कृष्णदास ने कहा कि बच्चे अक्सर शाम को तैराकी करने के लिए पूल में जाते हैं, आज ये घटना कैसे हो गई कहा नहीं जा सकता है। 
 
यह गंभीर हादसा है। इस्कॉन इस मामले की अपने स्तर से जांच कराएगा। 
पंचगौड़ादास, प्रेसीडेंट, इस्कॉन वृंदावन 

मौके पर नहीं था ट्रेनर, न प्राथमिक उपचार के इंतजाम

मौके पर पहुंची पुलिस - फोटो : अमर उजाला
भक्ति वेदांत गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल के स्वीमिंग पूल में डूबकर छात्र की मौत के मामले में विद्यालय प्रबंधन की लापरवाही से इनकार नहीं किया जा सकता। बताया गया है कि 13 वर्षीय कार्तिकेय सोमवार को शाम छह बजे अपने 15 साथियों के साथ गुरुकुल परिसर में बने जिस स्वीमिंग पूल में तैराकी सीख रहा था, उसकी गहराई करीब 10 फुट है। आम तौर पर कक्षा सात के बच्चे की लंबाई चार से पांच फुट होती है। इसके साथ ही मौके पर प्राथमिक उपचार के इंतजाम नहीं थे। पुलिस भी मामले को विद्यालय प्रबंधन की लापरवाही मान रही है। 

स्वीमिंग के दौरान ट्रेनर या लाइफ गार्ड का वहां मौजूद होना जरूरी है लेकिन बच्चों के स्वीमिंग करने के दौरान मौके पर कोई लाइफ गार्ड और ट्रेनर नहीं था। विद्यालय के शिक्षक राजविद्या दास वहां मौजूद थे। बच्चे को डूबता देखकर राजविद्यादास ने गुरुकुल के वाइस प्रिंसिपल निर्मल कृष्णदास को जानकारी दी। वहीं साथी बच्चों ने कार्तिकेय को बाहर निकाला और स्कूल के लोग आनन-फानन में उसे नयति अस्पताल ले गए। तब तक बहुत देर हो चुकी थी और चिकित्सकों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। 

बताया यह भी गया है कि गुरुकुल और इस्कान प्रबंधन पहले तो मामले को छुपाते रहे। मीडियाकर्मियों के पहुंचने पर कोई सही से जवाब देने को तैयार नहीं था। स्थानीय पुलिस को भी गुमराह किया गया लेकिन पुलिस की सख्ती के बाद पूरी बात सामने आ गई। प्रथमदृष्टया पुलिस भी मामले को गुरुकुल की घोर लापरवाही मान रही है। कोतवाली प्रभारी उदयवीर सिंह मलिक का कहना है कि मृतक छात्र के परिवारीजन जैसी कार्रवाई चाहेंगे, पुलिस जांच कराएगी।  

 
विज्ञापन

कुछ ही विद्यालयों में है स्वीमिंग पूल

Swimming Pool
मथुरा और वृंदावन के अधिक विद्यालयों में स्वीमिंग पूल की सुविधा नहीं है। मथुरा के करीब चार और वृंदावन के भक्तिवेदांत गुरुकुल में ही स्वीमिंग पूल है। वृंदावन में ही नवनिर्मित एक अन्य स्कूल का स्वीमिंग पूल अभी शुरू नहीं हुआ है। ऐसे में संभावना यह भी है कि स्वीमिंग पूल को लेकर विद्यालय प्रबंधन गंभीर न हों। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें