मथुरा के वृंदावन में श्री बांके बिहारी मंदिर में प्रस्तावित कॉरिडोर और सरकार द्वारा लाए जा रहे संभावित अध्यादेश के विरोध में बुधवार को मंदिर के सेवायत गोस्वामियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। राजभोग आरती के बाद मंदिर के आंगन में एकत्रित होकर गोस्वामियों ने जमकर नारेबाजी की और सरकार के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया।
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विरोध कर रहे गोस्वामियों ने कहा कि श्री बांके बिहारी मंदिर कोई सार्वजनिक संपत्ति नहीं, बल्कि स्वामी हरिदास जी के वंशजों की पीढ़ियों से चली आ रही निजी संपत्ति है। सेवायत आशीष गोस्वामी ने कहा हमने जन्म से ठाकुर जी की सेवा की है। तन, मन और धन से समर्पण किया है। अब सरकार बाहरी लोगों के इशारे पर बिहारी जी को हमसे छीनना चाहती है, जिसे हम किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे।
सेवायतों का ऐलान
सेवायतों ने यह भी ऐलान किया कि यदि सरकार कॉरिडोर निर्माण और मंदिर अधिग्रहण के अपने प्रयासों से पीछे नहीं हटी तो वे इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगेंगे। सेवायत हिमांशु गोस्वामी ने कहा अगर सरकार हमारे ठाकुर जी को हमसे छीनना चाहती है तो हमें जीवन जीने का कोई अधिकार नहीं। हमें इच्छा मृत्यु दे दी जाए।
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विकास बनाम विरासत की लड़ाई
सरकार द्वारा प्रस्तावित बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर परियोजना का उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुविधा और मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण बताया गया है। लेकिन सेवायतों का मानना है कि यह परियोजना मंदिर की परंपरा, संरचना और अधिकारों का हनन है। गोस्वामी समाज का कहना है कि यह प्रयास धार्मिक हस्तक्षेप के समान है।