मंदिरों में पारंपरिक रूप में मना होली पर्व
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ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर प्रबंध कमेटी के चुनाव समिति द्वारा मतदाता सूची से डिफाल्टर बताए गए 28 सेवायतों के नाम हटाने के बाद सेवायतों में रोष है। उनका कहना है कि वह इस निर्णय के खिलाफ कोर्ट जाएंगे। उन्होंने कहा कि कोर्ट ही मतदान का अधिकार छीन सकती है, चुनाव समिति नहीं।
ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के सेवायत प्रहलाद गोस्वामी ने बताया पिछली बार चुनाव समिति ने मुझ सहित कई लोगों को डिफाल्टर बताते हुए मतदान करने से रोका था, तब हमने कोर्ट की शरण ली और हमें कोर्ट से मतदान का अधिकार मिला। रसिकराज गोस्वामी ने कहा कि उन्हें अवैध तरीके से डिफाल्टर घोषित किया गया है, जबकि उनका वाद कोर्ट में चल रहा है।
अशोक गोस्वामी ने कहा कि मुझ पर मात्र 66 रुपये बकाया हैं और मैं यह राशि जमा कराने के लिए 28 मार्च को कार्यालय गया उससे पूर्व मुझे डिफाल्टर घोषित कर दिया गया। उनका कहना है कि मंदिर चुनाव समिति किसी को मतदान से वंचित नहीं रख सकती।
मंदिर के प्रबंधक मुनीष शर्मा ने कहा कि सेवायत कोर्ट की शरण ले सकते हैं और कोर्ट के आदेश पर मतदान प्रक्रिया में भाग ले सकते हैं। उन्होंने बताया कि राजभोग सेवा के 59 और शयन भोग सेवा के 286 मतदाताओं के अलावा मंगलवार तक दोनों सेवा से 38 नए नाम बढ़ाए गए हैं।
24 अप्रैल को होगा मतदान
ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर प्रबंध समिति के चुनाव कार्यक्रम के अंतर्गत एक और दो अप्रैल को नामांकन, तीन अप्रैल को नाम वापसी, तीन और चार को डाक से प्राप्त होने वाले मतपत्रों हेतु प्रार्थनापत्र, छह अप्रैल को डाक से प्राप्त होने वाले मतपत्रों को संबंधित मतदाताओं को प्रेषित किया जाना है।
मंदिर के प्रबंधक मुनीष शर्मा ने बताया कि 24 अप्रैल को मोहनबाग में सुबह नौ से शाम चार बजे तक मतदान होगा। इसके बाद 5:30 बजे से मतगणना और इसके बाद परिणाम घोषित होगा।