कार्यक्रम में मौजूद विद्यार्थी ।
मथुरा। विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर मथुरा स्थित केएम विश्वविद्यालय के सामुदायिक चिकित्सा विभाग द्वारा एक महत्वपूर्ण जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ''टुगेदर फॉर हेल्थ, स्टैंड विद साइंस'' की वैश्विक थीम के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने सोशल मीडिया पर पनप रही भ्रामक जानकारियों और चिकित्सा क्षेत्र में व्याप्त अंधविश्वासों जैसी गंभीर चुनौतियों पर गहन मंथन किया।
एमबीबीएस के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत नाटकीय रूपांतरण में वर्तमान समय की एक कड़वी सच्चाई को उजागर किया, जहां लोग गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए डॉक्टरों के पास जाने के बजाय सोशल मीडिया पर मिलने वाली अधूरी जानकारी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के सीमित ज्ञान और झाड़-फूंक जैसे अंधविश्वासों के जाल में फंस जाते हैं। पोस्टर प्रतियोगिता में एएनएम वर्षा, नीशा और प्रीति की कलाकृति को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ, जबकि जीएनएम की छात्रा पलक, सुराज और भावना को द्वितीय स्थान मिला। एएनएम प्रथम वर्ष की शांति, मनमहेन्द्री और हेमलता ने तृतीय स्थान हासिल किया। कुलपति डॉ. एनसी प्रजापति ने कहा कि स्वास्थ्य ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने जानवरों, पौधों और पूरे ग्रह के स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता की आवश्यकता पर भी बल दिया। प्रति कुलपति डॉ. शरद अग्रवाल ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की भूमिका पर प्रकाश डाला। कुलसचिव डॉ. पूरन सिंह ने भी विचार व्यक्त किए। मेडिकल प्राचार्य डॉ. पीएन भिसे ने विद्यार्थियों को 1948 में डब्ल्यूएचओ की स्थापना से लेकर चिकित्सा जगत की अब तक की उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी। इस दौरान डॉ. नामित गौतम, डॉ. आरके गुप्ता, डॉ. अंजली भारद्वाज, डॉ. सुनील, डॉ. पुष्पेंद्र, डॉ. पीके जैन, डॉ. एसटी वलि, समीक्षा भारद्वाज आदि मौजूद रहे। अंत में कोरोना काल के दौरान विज्ञान की विजय और डॉक्टरों के समर्पण को दर्शाने वाला एक प्रेरणादायक वृत्तचित्र भी दिखाया गया।