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Mathura News: यमुना में कचरा देख विधायक बोले-स्वच्छता से कोई समझौता नहीं होगा

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मथुरा। विश्राम घाट पर यमुना में उतराता कचरा।  - फोटो : mathura
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मथुरा। बारिश के पानी के बहाव से यमुना में कचरा उतराने पर विधायक श्रीकांत शर्मा ने नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने मंडलायुक्त शैलेंद्र कुमार को पत्र लिखकर कड़े लहजे में यमुना शुद्धिकरण की निगरानी करने को कहा है। साथ ही कहा है कि मां यमुना की निर्मलता और घाटों की स्वच्छता से कोई समझौता नहीं होगा। इधर, यमुना में गंदगी बहने से भक्तों ने भी नाराजगी प्रकट की है।
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दरअसल, रविवार को करीब एक घंटे की जोरदार बारिश में शहर का कचरा पानी के तेज बहाव में यमुना में गिरने लगा। बारिश बंद होने के बाद यही कचरा यमुना में उतराने लगा। यह हाल देखने के बाद यमुना भक्तों ने शाम की आरती के समय नाराजगी व्यक्त की थी। साथ ही इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। इधर, सोमवार को विधायक श्रीकांत शर्मा ने भी अधिकारियों की अनदेखी पर नाराजगी व्यक्त की है।
उन्होंने कहा कि बारिश से पहले ही अधिकारियों को घाटों का निरीक्षण कर सभी प्रमुख घाटों को साफ और स्वच्छ करने के निर्देश दिए थे। साथ ही कहा गया था कि सभी घाटों की सफाई व्यवस्था नियमित हो और किसी भी स्थिति में श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस न पहुंचे। बावजूद इसके अधिकारी लापरवाही बरत रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि मां यमुना की निर्मलता और घाटों की स्वच्छता से कोई समझौता नहीं होगा। यमुना शुद्धिकरण अभियान केवल एक अभियान नहीं, बल्कि ब्रज की सांस्कृतिक आत्मा से जुड़ा अभियान है।
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उन्होंने मंडलायुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह को पत्र लिखकर यमुना शुद्धिकरण अभियान की नियमित निगरानी करने को कहा है। ब्रजवासियों और श्रद्धालुओं से भी अपील की है कि वह यमुना में कचरा न डालें, प्लास्टिक मुक्त ब्रज अभियान में सहयोग करें।

बड़े-बड़े दावे हवा-हवाई, यमुना भक्त ने जताई नाराजगी
इधर, यमुना भक्त व दीर्घ विष्णु मंदिर के सेवायत महंत कांतानाथ चतुर्वेदी ने भी यमुना शुद्धिकरण अभियान पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा है कि यमुना कोई साधारण नदी नहीं, हमारे धर्म और संस्कृति की प्रतीक है। इसके बाद भी सफाई और संरक्षण करने के दावे हवा-हवाई हैं। सरकारों द्वारा यमुना की सफाई और संरक्षण को लेकर कई बार बड़े-बड़े दावे किए गए, लेकिन धरातल पर नतीजा शून्य रहा। यही कारण है कि यमुना प्रदूषित हो रही है और कोई देखने वाला नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यमुना को शुद्ध करने की जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक जागरूक नागरिक की भी है।
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