सहकारी संघ चौमुंहा पर बारदाना और लेबर होने के बाद भी शनिवार को सचिव ने एक दाना गेहूं की तोल नहीं होने दी। सचिव का कहना है कि लेबर ने रात में तोल की है, इससे वह थक गई है। आखिर रात में किसके गेहूं की तोल हो रही है, जो ढेरियां पिछले एक सप्ताह से पड़ी हैं वे सब वैसे ही पड़ी हैं, फिर रात में किसकी तोल की।
सहकारी संघ पर छह से अधिक किसान अपने गेहूं को तुलवाने के लिए एक सप्ताह से चक्कर लगा रहे हैं। शनिवार को तोल नहीं होने पर किसानों में रोष है। सचिव जसवंत सिंह का कहना था कि रात में 12 बजे तक लेबर ने तोल की है इसलिए थक गई है। सचिव का कहना था कि रविवार और सोमवार को सरकारी छुट्टी है।
मंगलवार और बुधवार को उसके परिवार में शादी है, इसलिए अब 20 अप्रैल को ही तोल होगी। इतना सुनते ही किसान भड़क गए और नारेबाजी करने लगे। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि रविवार को तोल नहीं की गई तो वे हाईवे जाम करेंगे। किसानों का आरोप है रोजाना दिन में एक-दो ढेरी तोल दी जाती है, इसके बाद तोल नहीं करते।
सवाए के नाम पर हो रहा गोलमाल
सहकारी संघ पर सवाए के गेहूं की तोल हो रही है। किसान अशोक कुमार, पवन कुमार, अजय सिंह आदि ने आरोप लगाया कि सचिव और सेंटर इंचार्ज रात में यह कह कर अपने चहेतों के गेहूं को तोल रहे हैं कि यह सवाए का गेहूं है। यह पहले तोला जाएगा। आखिर सवाए के नाम पर एक-एक किसान का 50 से 100 कुंतल तक माल कैसे तोला जा रहा है? इतना गेहूं सवाए पर कैसे आवंटित हो गया, जबकि एक एकड़ पर एक-दो कुंतल गेहूं आवंटित किया जाता है। किसानों ने डीएम से इसकी जांच करा कर सचिव के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।