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पल भर में आंखों के सामने छा गया मौत का मंजर

Sat, 06 Aug 2016 12:31 AM IST
अमर उजाला मथुरा
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अपनों के शरीर से बहते खून को देख परिवार वाले घबरा गए। - फोटो : अमर उजाला
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बस पलटने से घायल हुए श्रद्धालुओं की चीख पुकार से जिला अस्पताल गूंज उठा। किसी के पैर की हड्डी टूटी थी तो किसी के सिर में गंभीर चोट थी। अपनों के शरीर से बहते खून को देख परिवार वाले घबरा गए। बेचैनी में इधर उधर दौड़ लगाते, जो भी अधिकारी पहुंचता उसके सामने ही गुहार लगाने लगते।  
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शुक्रवार को हाथरस के मेंडू़ से सुबह प्राइवेट बस में सवार होकर श्रद्धालु ब्रज दर्शन के लिए निकले थे। सभी हंसी खुशी यात्रा कर रहे थे। बस में भजन संकीर्तन जारी था कि अचानक ड्राइवर ने बाइक को बचाने के लिए स्टीयरिंग घुमाई और बस अनियंत्रित होकर पलट गई। भक्ति-भाव से आए रहे श्रद्धालुओं के बीच हादसे के बाद मातम छा गया। 

घायलों को महर्षि दयानंद जिला चिकित्सालय लाया गया तो हर ओर चीख पुकार सुनाई दी। यात्री इस मंजर को याद का सिहर रहे थे। जिला अस्पताल में पहुंचे बस सवार संजय ने बताया एक पल में ही मौत का मंजर आंखों के सामने छा गया। चारों ओर चीख पुकार मचने लगी। किसी को कुछ भी समझ नहीं आ रहा है।
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सब अपने-अपने परिजनों को ढूंढ रहे थे और बिलख रहे थे। अस्पताल का मंजर भी रोंगटे खड़े करने वाला था। घायल अपने परिवारीजनों को देखने के लिए तड़प रहे थे तो गंभीर घायल उपचार के लिए तड़प रहे थे।

मेंड़ू निवासी विजय हादसे में अपनी मां जावित्री को खोने के बाद बिलख उठा। अस्पताल में इमरजेंसी कार्यालय के सामने विजय सड़क पर लेट गया। उसके करुण क्रंदन ने वहां मौजूद लोगों के रोंगटे खड़े कर दिए। परिवारीजनों के समझाने के बाद भी विजय एक ही रट लगाए था कि मुझे मेरी मां से मिलवा दो। बार-बार बेहोश होने पर उसे संभालने के लिए परिवारीजनों ने काफी मशक्कत की। 


देर से पहुंचे डीएम-एसएसपी
बस पलटने की सूचना पर डीएम और एसएसपी घायलों के प्राथमिक उपचार के बाद मौके पर पहुंचे। लोगों का आरोप है कि दोनों अधिकारियों ने घायलों को देखा जरूर लेकिन उनसे हालचाल पूछने की जहमत नहीं उठाई। केवल चिकित्सकों से जानकारी लेने के बाद दोनों अफसर निकल गए। 

फिर तैयार नहीं था जिला अस्पताल
बस हादसे के बाद जब घायलों को महर्षि दयानंद जिला चिकित्सालय लाया गया तो हर बार की तरह यहां व्यवस्थाएं नाकाफी साबित हुईं। घायलों को केवल प्राथमिक उपचार दिया गया। सेवलोन और एक इंजेक्शन लगाकर घायलों को वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। घायलों के शरीर से जमा मिट्टी को हटाने की जहमत तक नहीं उठाई गई। परिवारीजन सुविधाओं को नाकाफी बता रहे थे।

राहगीर ने किया एंबुलेंस को फोन
बस हादसे के बाद वहां से गुजर रहे राहगीर ने 108 एंबुलेंस को फोन कर हादसे की सूचना दी थी। हादसा बड़ा इस आशय सूचना पर आसपास के इलाके में लगी एंबुलेंस चालकों को भी फोन कर दिया गया। 108 एंबुलेंस सेवा के जिला प्रबंधक योगेंद्र सिंह भदौरिया और राजीव कुमार ने बताया कि लखनऊ से राहगीर की सूचना के बाद आई कॉल के बाद जिले में लगी छह 108 एंबुलेंस को राहत कार्य में लगाया गया।

ये हुए हैं घायल
नीरज पुत्र विजय निवासी हाथरस, विजय पुत्र लक्ष्मण निवासी दिल्ली, डोरीलाल पुत्र राकेश निवासी हाथरस, अरविंद पुत्र हरि प्रसाद निवासी हाथरस, गोविंद पुत्र हरिप्रसाद निवासी मथुरा, लक्ष्मण पुत्र रामप्रकाश निवासी हाथरस, विष्णु पुत्र श्रीनिवास निवासी हाथरस, मदन सिंह पुत्र सुल्तान निवासी मेंड़ू, अलवर पुत्र पन्नालाल निवासी मेंड़ू, राकेश पुत्र नरेश निवासी मेंड़ू, संजय पुत्र लक्ष्मीनारायण, द्वारिका पुत्र पप्पू, अरविंद, तेजपाल पुत्र नथाराम, मनीष पुत्र राजन निवासी आगरा, सूरज पुत्र राजन निवासी आगरा, मुरारीलाल निवासी मेंड़ू, पवन निवासी मेंड़ू, राम सिंह निवासी हाथरस, प्रमोद, सतेंद्र, पंकज, ओमप्रकाश, भूरा, श्रीकृष्ण, हाकिम, सघीना, प्रेमपाल, नथाराम, लीलावती, अनवार सिंह, नरेंद्र सिंह, श्याम, तेजपाल, पुष्पा देवी, सलीम, द्वारिका, संजय, बबिता, मदन सिंह, पवन, ईशांत, मोंटू, गुड्डू, अजय गुप्ता। 
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