मथुरा। फरह के चुरमुरा पर फ्लैट की एवज में 150 करोड़ रुपये की लोगों काे चपत लगाने वाले कल्पतरू बिल्डैक कंपनी के एमडी जयकृष्ण सिंह राणा और तीन निदेशकों की गिरफ्तारी के लिए क्राइम ब्रांच की टीम नोएडा, दिल्ली और आगरा में दबिश दे रही है। अभी तक यह चारों जालसाज क्राइम ब्रांच के हत्थे नहीं चढ़ सके हैं। दावा किया जा रहा है कि जल्द ही चारों जालसाज गिरफ्त में होंगे।मोतीकुंज के रहने वाले जयकृष्ण सिंह राणा ने करीब दो दशक पहले कल्पतरू कंपनी खोली। इसमें साथियों को डायरेक्टर बनाकर जालसाजी का खेल शुरू किया। सबसे पहले जयकृष्ण सिंह राणा ने चिटफंड कंपनी खोली। पैसा दोगुना करने की एवज में लोगों को झांसे में लिया। इसके बाद इस कंपनी ने चुरमुरा आदि स्थानों पर फ्लैट बनाने शुरू किए। इन फ्लैटों की बुकिंग की एवज में सोनीपत, पानीपत, आगरा, अलीगढ़, मथुरा और अन्य जनपदों के लोगों से मोटी रकम वसूली। बावजूद इसके आज तक तो फ्लैट भी बनकर तैयार नहीं हुए। पैसा लगाने वालों ने केवल अपने को ठगा ही समझा। कई बार इन लोगों ने चुरमुरा आकर विरोध-प्रदर्शन भी किया, पर पुलिस की मिलीभगत से जयकृष्ण सिंह राणा इन पर भारी पड़ गया। इतना जरूर है कि कुछ लोगों न हिम्मत दिखाई तो करीब 46 मुकदमे थाना फरह में दर्ज कराए गए। इसके अलावा भी मथुरा और आगरा के थानों में यह मुकदमे दर्ज हैं। फिलहाल इसकी जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई।
क्राइम ब्रांच ने पिछले दो दिनों से नोएडा, आगरा और दिल्ली में कल्पतरू के मालिक जयकृष्ण राणा के अलावा निदेशक जितेंद्र वोहरा और धर्मेंद्र शर्मा निवासी छत्ता बाजार शहर कोतवाली एवं किरन सिंह निवासी जीएलए विवि तलाश की। हालांकि अभी तक यह हत्थे नहीं चढ़ सके हैं। सीओ क्राइम श्वेता सिंह ने बताया कि दो दिन पहले चारों की गिरफ्तारी को दबिश दी गई, पर यह हाथ नहीं लगे।
नौ को भेज चुकी है जेल, चार की तलाश जारी150 करोड़ रुपये की जालसाजी में फरार चल रहे जयकृष्ण सिंह और तीन निदेशकों अभी तक फरार हैं। इससे पहले जयकृष्ण की पत्नी मिथलेश, निदेशक रीता सिंह समेत 9 को क्राइम ब्रांच जेल भेज चुकी है। इस मुकदमे में करीब 13 नामजद कराए गए थेे। हालांकि 46 मुकदमे में क्राइम ब्रांच विवेचना कर रही है। इसके अलावा भी इस ग्रुप के एमडी और निदेशकों पर करीब 100 से अधिक मामले आगरा, मथुरा के अलावा अन्य जिलों में दर्ज हैं।