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UP: जिस स्कूल बस से गिरकर हुई छात्रा की मौत,उसका रजिस्ट्रेशन तक नहीं था; कर रखी थी ये जुगाड़

Sat, 14 Mar 2026 07:00 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा में स्कूल प्रबंधक ने 16 लाख रुपये बचाने के लिए 13 साल तक बस का पंजीकरण नहीं कराया और उसे केवल देहात में चलाता रहा। बस की टूटी फर्श पर लकड़ी का पटरा लगाकर बच्चों को ले जाया जा रहा था, जिसके हटने से छात्रा गिरकर हादसे का शिकार हो गई।
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इसी बस से हुआ हादसा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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आरबीएस उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्रबंधक नरेंद्र सिंह को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने उससे कई घंटे पूछताछ की। उसने बताया कि 13 साल पहले स्कूल खोलने के बाद बस खरीदी थी। बाद में बस की एजेंसी बंद हो गई। इससे उसका 16 लाख रुपये का भुगतान बच गया। इसलिए उसने पंजीकरण नहीं कराया। केवल देहात में ही बस चलाता था, कभी शहर की ओर नहीं ले जाता था।
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डीसीपी आदित्य सिंह ने बताया कि आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वर्ष 2012 में पिता राज बहादुर ने गांव भागूपुर में अपने नाम से शिक्षा समिति बनाकर स्कूल खोला था। वर्तमान में 380 बच्चे पढ़ते हैं। तीन बच्चे पढ़ाने पर एक बच्चे की फीस आधी और चार बच्चे पढ़ाने पर एक की फीस माफ कर देता था। 6-7 शिक्षक आते हैं।

 

उसने सिकंदरा के रुनकता स्थित फोर्स कंपनी की एजेंसी से बस खरीदी थी। चार लाख रुपये जमा किए थे, 16 लाख रुपये का भुगतान और करना था। मगर एजेंसी का सर्विस सेंटर की सेवाओं के संबंध में ग्राहकों से विवाद हुआ और एजेंसी बंद हो गई। उसने भुगतान नहीं किया। उसने आरटीओ में पंजीकरण भी नहीं कराया। उसे डर था कि पंजीकरण कराएगा तो बस की रकम का भी भुगतान करना होगा। इससे वो कभी पकड़ा नहीं गया। बस खुद ही चलाता था, किसी और चालक को बस चलाने के लिए रखता तो उसे हकीकत का पता चल जाता।
 
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पहले डाल दी थी फाइबर की शीट
डीसीपी के मुताबिक, आरोपी नरेंद्र ने पुलिस को बताया कि छात्रा के गिरकर घायल होने पर घबरा गया। बच्चों के चिल्लाने पर 70 मीटर दूर बस रोकी। वो एक छात्र को घायल के पास छोड़कर बस लेकर चला गया था। बाद में स्कूल के प्रधानाचार्य राहुल के साथ पहुंचा था। घायल छात्रा को अस्पताल लेकर पहुंचा। उसकी माैत का पता चलने पर परिजन को सूचना देकर भाग गया था। बस की फर्श 6 महीने पहले कई जगह से टूट गई थी। फर्श पर फाइबर शीट डाल दी। इसके बावजूद चालक सीट के पीछे बड़ा हिस्सा टूट गया तो उस पर लकड़ी का पटरा लगा दिया था। पटरा स्पीड ब्रेकर आने की वजह से हट गया और बच्ची गिर गई थी।
 
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