अंतिम प्रयास तक नहीं छोड़ी हिम्मत
सत्यम चतुर्वेदी ने बताया कि पांच बार असफलता मिली। हर साल यूपीएससी प्रीलिम्स की परीक्षा में एक तो कभी दो नंबर से निराशा हाथ लगी। अंतिम प्रयास में यूपीएससी की परीक्षा पास की और ऑल इंडिया 205वीं रैंक हासिल की। बताया कि वह ऑफिस में लंच कर रहे थे। तभी उनकी मित्र सौम्या का कॉल आया और उन्होंने बधाई देते हुए यूपीएससी की परीक्षा क्रैक करने की जानकारी दी। संतुष्टि के लिए खुद एक बार चेक किया और फिर घर पर कॉल पर माता-पिता को इसकी जानकारी दी। वर्तमान में गृह मंत्रालय में सेक्शन अफसर के पद पर कार्यरत हैं। 2018 में बैंक की परीक्षा उत्तीर्ण कर आंध्रा बैंक में पीओ के पद पर रहे। 2019 मौसम विभाग में साइंटिफिक असिस्टेंट के पद पर सेवाएं दीं।
2020 में एसएससी सीजीएल की परीक्षा पास कर गृह मंत्रालय में सेक्शन अफसर बने। इसके बाद 2021 में यूपीपीसीएस की परीक्षा पास कर नोएडा औद्योगिक विभाग में फाइनेंस आफिसर के पद पर कार्यरत रहे। यहां छह माह बाद ही त्यागपत्र देकर दोबारा गृह मंत्रालय में सेवाएं देना शुरू कर दिया। नौकरी के दौरान ही उन्होंने परीक्षा की तैयारी की। पिता राकेश चंद्र चतुर्वेदी पिछले साल श्रीजी बाबा स्कूल से उप प्रधानाचार्य के पद से सेवानिवृत्त हुए। मां रेनू चतुर्वेदी क्रमोत्तर कन्या जूनियर हाईस्कूल में शिक्षिका हैं। भाई शिवम भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु में असिस्टेंट हैं।