कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक करते डीएम चंद्रप्रकाश सिंह।
मथुरा। प्रदेश में पराली जलाने की सर्वाधिक घटनाएं मथुरा जनपद में दर्ज होने के बाद डीएम चंद्रप्रकाश सिंह ने सख्ती दिखाई है। उन्होंने सभी अधिकारियों व ग्राम प्रधानों को पराली जलाने पर शत प्रतिशित अंकुश लगाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इसकी सेटेलाइट के माध्यम से 24 घंटे निगरानी की जा रही है।
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों व प्रधानों से अपने-अपने क्षेत्रों में निरंतर भ्रमण करने को कहा है। सचिव, ग्राम प्रधान, लेखपाल अपने-अपने क्षेत्रों में किसानों से संवाद करें तथा उनसे पराली खरीदें और गोशालाओं में पहुंचाएं। फसल अवशेष जलाने से पर्यावरण प्रदूषित होने के साथ-साथ भूमि के पोषक तत्वों को क्षति, मृदा ताप में बढ़ोतरी होने से मृदा के भौतिक, रासायनिक, जैविक दशा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। लाभदायक कीट जलकर मर जाते हैं, जिससे फसलों का उत्पादन भी घट जाता है। अगर कोई पराली जलाते हुए पकड़ा जाएगा तो जुर्माना वसूला जाएगा और कार्रवाई भी सुनिश्चित होगी।