वृंदावन (मथुरा)। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बारे में गलत टिप्पणी करने पर द ब्रज फाउंडेशन के अध्यक्ष एवं पत्रकार विनीत नारायण के खिलाफ संत समाज में आक्रोश है। संतों ने जिला प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है। मुख्यमंत्री की निंदा करने से आहत हुए संतों ने चतु:संप्रदाय के श्री महंत फूलडोल बिहारी दास महाराज की अध्यक्षता में सोमवार को श्रोतमुनि आश्रम में बैठक कर निंदा प्रस्ताव पारित किया। बैठक में संत, महंतों और भागवत प्रवक्ताओं ने विनीत का बहिष्कार करने की बात कही है।
भागवत प्रवक्ता कृष्ण चंद्र ठाकुर ने कहा कि ऐसी दूषित मानसिकता के व्यक्ति को वृंदावन में प्रवेश ही नहीं देना चाहिए। महामंडलेश्वर नवल गिरी महाराज ने कहा कि ऐसे लोग समाज के लिए कलंक के समान होते हैं। कार्ष्णि नागेंद्र महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री सनातन धर्म की रक्षा मंदिर एवं संस्कृति के संरक्षण में लगे हैं। हिंदूवादी नेता गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी ने कहा कि ऐसे व्यक्तियों की जांच एजेंसियों द्वारा जांच कराकर इनकी संपत्ति का ब्योरा जनता के सामने रखना चाहिए।
अघोर पीठाधीश्वर स्वामी बाल योगेश्वर महाराज, नगर निगम में उपसभापति राधा कृष्ण पाठक, स्वामी भास्करानंद महाराज, हरिशंकर दास नागा, वेणु गोपाल दास, बाबा बलराम दास, बाबा अद्वैत मुनि, स्वामी गोविंदानंद, स्वामी रामानंद शास्त्री, स्वामी सदानंद शास्त्री, विमल चैतन्य महाराज, आचार्य राजेंद्र दास, यदुनंदन आचार्य, करुणा शंकर पुरी, महामंडलेश्वर स्वामी रामेश्वर दास महाराज, संजीव कृष्ण, राधाकांत शास्त्री, आचार्य अमित कृष्ण, स्वामी सच्चिदानंद गिरी, महंत राघवदास रामायणी, केशवदास स्वामी, प्रहलाद दास व विजय बहादुर आदि लोग उपस्थित रहे।
विनीत नारायण ने दी सफाई, आरोप बताए निराधार
वृंदावन के संत समाज द्वारा निंदा प्रस्ताव पारित करने के बाद द ब्रज फाउंडेशन के अध्यक्ष एवं पत्रकार विनीत नारायण ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। कहा कि सनातन धर्म व ब्रज संस्कृति की रक्षा में वे सदा संघर्ष करते रहेंगे। जो संत हैं, वे सत्य का साथ देंगे।