पहलगाम में हुए आतंकी हमले पर संत प्रेमानंद महाराज ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि जो लोग निर्दोषों को पीड़ा पहुंचाते हैं, वे किसी धर्म के अनुयायी नहीं, बल्कि अधर्म के प्रतीक हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जो मानवता का अपमान करते हैं, उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
संत प्रेमानंद महाराज ने कहा कि अगर शरीर के किसी भाग में कैंसर हो जाए तो उसे हटाकर जीवन बचाया जाता है। ठीक उसी प्रकार समाज में फैले हिंसा के तत्वों को समाप्त करना ही समाज और राष्ट्र की रक्षा का मार्ग है।