वृंदावन (मथुरा)। तीर्थनगरी वृंदावन में गुमनामी का जीवन जी रहे हिंदूवादी सुरेश बघेल ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को सर्वमान्य और देशहित वाला बताया। उन्होंने कहा कि रामलला के लिए जीवनभर संघर्ष किया वह आज सफल हो गया। अब वह अयोध्या में राम लला का दर्शन करने जाएंगे।
ज्ञात हो कि सुरेश बघेल को नौ दिसंबर 1990 में रामजन्म भूमि आंदोलन के दौरान विवादित ढांचे को ध्वस्त करने के आरोप में पुलिस ने पकड़ा था। राम लला के मंदिर निर्माण का जुनून लिए 23 वर्ष के सुरेश बघेल के पास से 28 डायनामाइट की छड़ें बरामद की थीं। पुलिस ने रासुका, टाडा व 5 विस्फोटक पदार्थ अधिनियम व 153 ए के तहत कार्रवाई की गई।
तीन साल जेल में रहे। इसके बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच द्वारा 5 साल की सजा और 4 हजार रुपये जुर्माना लगाया। 4 हजार रुपये जमा किए और अब वह जमानत पर हैं। केस अभी भी चल रहा है।