जनपद के शिक्षामित्रों को शीघ्र ही मानदेय मिल जाएगा। मानदेय के भुगतान के लिए ग्रांट आ चुकी है। शिक्षामित्र अप्रैल माह से मानदेय का इंतजार कर रहे थे।
जनपद में प्रथम और द्वितीय चरण में लगभग 1,550 शिक्षामित्रों को समायोजित कर सहायक अध्यापक बनाया गया। समायोजन से कुछ शिक्षामित्र बच भी गए।
द्वितीय चरण में समायोजन से वंचित 255 शिक्षामित्र और तृतीय चरण के 163 शिक्षामित्र अप्रैल माह से मानदेय का इंतजार कर रहे थे। दस माह से मानदेय न मिलने का कारण शासन से मानदेय की ग्रांट न मिलना था।
शासन स्तर से मानदेय की ग्रांट शुक्रवार को उपलब्ध करा दी गई। इससे शिक्षामित्रों को शीघ्र ही मानदेय मिलने का रास्ता साफ हो गया। जनपद को मानदेय के लिए 95 लाख 48 हजार रुपये की ग्रांट मिली है। इससे सभी शिक्षामित्रों को मानदेय वितरित किया जाना है।
ग्रांट न होने के कारण शिक्षामित्रों को मानदेय नहीं मिल पा रहा था। अब ग्रांट उपलब्ध होने के बाद शीघ्र ही शिक्षामित्रों को मानदेय वितरित किया जाएगा।
-अशोक कुमार सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी