मथुरा। सकट चतुर्थी पर बड़ा गणेश मंदिर में अभिषेक करते सेवायत।
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मथुरा। सकट चतुर्थी पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। गणेश मंदिरों में भगवान गणेशजी की प्रतिमाओं का अभिषेक कर भोग लगाया गया। घरों में भी व्रत, पूजा और संकटनाशक गणेश की अर्चना की गई। तिल के लड्डुओं का प्रसाद गजानन को अर्पित किया गया।
ऋद्धि सिद्ध के दाता भगवान गणेश का सकट चतुर्थी पर्व रविवार को मंदिरों में विविध धार्मिक अनुष्ठानों के साथ मनाया गया। जयसिंहपुरा के गणेश टीला स्थित श्री सिद्ध विनायक मंदिर में विविध धार्मिक आयोजन हुए। सुबह से लेकर शाम तक भगवान गणेशजी के दर्शनों के लिए भक्तों की भीड़ रही। शाम 8 बजे मंदिर के देवकीनंदन चतुर्वेदी के सानिध्य में सिद्ध विनायक भगवान गणेश के श्रीविग्रह का महाभिषेक हुआ। इसके बाद भगवान गणेश का सुंदर शृंगार किया गया। मंदिर प्रांगण भगवान गणेश के जयकारों से गुंजायमान हो रहा था।
चौबिया पाड़ा में विराजमान आदि महागणपति दशभुजी गणेश मंदिर में श्रीजी पीठाधीश्वर ठाकुरजी बाबा महाराज के सानिध्य में आचार्य मनीष बाबा, कपिल बाबा द्वारा महागणपति का पंचामृत महाभिषेक किया गया। आयोजन श्री दशभुजी गणेश सेवा समिति द्वारा किया गया। मनीष चतुर्वेदी, भइया चतुर्वेदी, कैलाशनाथ, जमुना चतुर्वेदी, प्रयागनाथ चतुर्वेदी, कुलदीप चतुर्वेदी, विजय, लब्बू चतुर्वेदी, भास्कर चतुर्वेदी आदि भक्त उपस्थित रहे। असकुंडा घाट स्थित प्राचीन बड़े गणेश मंदिर पर सकट चतुर्थी के पर्व पर पंचामृत महाभिषेक सेवायत चंद्रशेखर गोस्वामी, पं. अमित भारद्वाज, मनोज गौड़ ने किया। सायं भव्य व आकर्षक शृंगार धारण कराकर फूल बंगला सजाया गया। व्यवस्था में विवेक शर्मा का योगदान रहा।